सावन में खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बरसात के दिनों में बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है इसलिए ऐसी चीजों से परहेज करना चाहिए जिनमें सूक्ष्म जीव अधिक होने ही संभावना हों। धार्मिक दृष्टि से इस महीने में हरी पत्तेदार सब्जियों के साथ इन फलों और सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिए। हिंदू धर्म के पवित्र महीनों में से एक सावन के इस महीने में आपको अपने खाने-पीने की चीजों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। तो आज इस आर्टिकल में हम आपको उन सब्जियों के बारे में बताएंगे जिन्हें मानसून या बरसात के मौसम में नहीं पकाना चाहिए।
हरे पत्ते वाली सब्जियां
पालक, धनिया, सलाद और पत्तागोभी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियाँ खाने से बचना चाहिए। बारिश के पानी और नमी के कारण ये बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्म जीवों के रहने के लिए अच्छी जगह बन जाती है और इनका सेवन करने से हम बीमार हो सकते हैं।
ब्रोकोली और फूलगोभी
ब्रोकोली और फूलगोभी जैसी सब्जियाँ क्रूसिफेरस परिवार से आती हैं। अन्य मौसम में इसका सेवन करने से हमारी सेहत को कई फायदे मिलते हैं, लेकिन बारिश के दिनों में ऐसी सब्जियों के सेवन से बचना चाहिए। इन सब्जियों के फूलों में छोटे-छोटे कीड़े होते हैं, जिनकी सब्जी बनाकर या कच्चे सलाद के रूप में खाने से हमारी सेहत खराब हो सकती है।
जड़ खाने वाली सब्जियां
जड़ वाली सब्जियों में मूली, गाजर , और शलजम जैसी सब्जियाँ शामिल हैं। इनका सेवन आमतौर पर कच्चे सलाद के रूप में किया जाता है। ऐसे में आपको इन जड़ वाली सब्जियों को खाने से बचना चाहिए या फिर इन्हें अच्छे से साफ करने के बाद ही सीमित मात्रा में ही इनका सेवन करना चाहिए।
अंकुरित बीज
आपको मानसून या बरसात के दिनों में अंकुरित बीजों का सेवन कम से कम करना चाहिए। बरसात के दिनों में धूप और नमी की कमी के कारण इनमें बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्म जीवों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए अंकुरित बीजों का सेवन करने से बचें।
बैंगन
बरसात के मौसम में बैंगन की सब्जी भी नहीं खानी चाहिए. बारिश के मौसम में भले ही बाजार में आपको खूबसूरत गोल-मटोल आकार के बैंगन मिल जाएंगे, लेकिन इस समय ज्यादातर सब्जियों में कीड़े लग ही जाते हैं।
मटर और मक्के के दाने
बरसात के मौसम में ये दोनों सब्जियां जल्दी सड़ जाती हैं और फफूंद लग जाती है. ऐसे में जब आप इन सड़ी-गली या फफूंद लगी सब्जियों को छांटकर खाते हैं तो यह आपकी सेहत के लिए हानिकारक भी हो सकती है।

