छोटे रोल करते करते बन गया वेटेरन कलाकार – Brijendra Kala

एंटरटेनमेंटछोटे रोल करते करते बन गया वेटेरन कलाकार - Brijendra Kala

Date:

Zeba Hasan

जब वी मेट का टैक्सी ड्राइवर या फिर पान सिंह तोमर का पत्रकार। पीके में एक मूर्ति बेचने वाला या फिर हासिल का न्यूजपेपर वेंडर। एक्टर बृजेंद्र काला ने फिल्मों में कई ऐसे किरदार निभाए हैं जो पर्दे पर तो एक सीन या दो सीन के थे लेकिन दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। यही वजह है कि आज वह फिल्मी दुनिया का एक जाना माना चेहरा हैं। आज कई हिट फिल्मों का वह हिस्सा हैं और उनकी झोली में कई बड़े प्रोजेक्ट भी हैं। जल्द ही उनकी फिल्म जन हित में जारी रिलीज होने वाली है। परिवार नियोजन जैसे मुद्दे को उठाती हुई इस फिल्म में बृजेंद्र कंडोम फैक्ट्री के मालिक की भूमिका में नजर आएंगे। थिएटर से फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाले बृजेंद्र काला मुंबई कैसे पहुंचे, उनका सफर कैसा रहा ऐसे ही कई सवालों को लेकर उनसे हुई यह खास बातचीत।

इश्यू बेस्ड फिल्में समाज पर असर डालती है?

फिल्में मनोरंजन के लिए बनाई जाती हैं। सीखने के लिए तो और भी बहुत कुछ है। लेकिन हां इतना जरूर है कि कुछ लोग फिल्मों को महज मनोरंजन के तौर पर देखते हैं और कुछ इनसे प्रेरणा भी लेते हैं। जहां तक सवाल फिल्म जन हित जारी का है तो फिल्म का मुद्दा तो पुराना ही है बस अंदाज नया है। एक औरत को कई तरह की पीड़ा से गुजरना पड़ता है। चार पांच बच्चे पैदा करना औरत के लिए काफी मुश्किल वक्त होता है। फिल्म में हम परिवार नियोजन की बात कर रहे हैं। इस इश्यू पर पहले भी काम हुआ है, सरकार ने भी जागरूक किया है। लेकिन यह फिल्म सिर्फ एक खबर की तरह नहीं बल्कि मनोरंजन के साथ लोगों को जागरूक करने का काम कर सकती है।

Read also: इन एक्ट्रेस की फिटनेस पर फिदा हुआ हर कोई

फिल्म में आपका क्या किरदार है?

इसमें मैं एक कंडोम फैक्ट्री के मालिक की भूमिका निभा रहा हूं। जो चाहता है कि उसका बिजनेस खूब चले और वह इसके लिए एक लड़की का चुनाव करता है। क्योंकि हर प्रोडक्ट की सेल के लिए लड़कियों को पहली पसंद माना जाता है तो मैंने एक लड़की को अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए लाना चाहता हूं। मेरी नजर में वह लड़की थी और उसे मैंने मना कर अपने काम के लिए राजी कर लिया था।

जब किरदार के बारे में सुना तो क्या सोचा था?

कुछ नहीं मुझे बहुत ही दिलचस्प लगी थी फिल्म की कहानी और अपना रोल भी। यह इत्तेफाक है कि दो दिन के अंदर मुझे एक ही तरह की दो फिल्मों में एक तरह का रोल ऑफर हुआ। दूसरी फिल्म का नाम छतरी था। उसमें भी सेम कैरेक्टर के लिए मुझे लिया जा रहा था। मैंने उन्हें कहा कि मैं दो नहीं तीन फिल्में भी कर सकता हूं लेकिन डेट्स एक जैसी नहीं दे सकता हूं। फिर उस फिल्म को लेकर आगे कोई चर्चा हुई नहीं। शायद वह फिल्म आगे नहीं बढ़ी फिल्हाल तो अब ‘जन हित में जारी’ है।

बहुत छोटे रोल भी निभाए हैं, जबकि कई बार कलाकार छोटे रोल मना कर देते हैं?

हां बिलकुल कर देते हैं लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। मैं टीवी करता था और मुझे डर था कि कहीं टीवी में पॉपुलर हो गया तो मुझे फिल्मों में काम नहीं मिलेगा। तो मेरे पास हासिल, या जब वी मेट का ऑफर आया तो मैंने फौरन हां कर दी। लेकिन उन छोटे रोल्स में भी मैंने अपनी पूरी मेहनत से काम किया। कितनी ही फिल्मों में एक से दो सीन के रोल किए हैं मैंने लेकिन वह करते करते आज अपना एक मुकाम बना लिया है। अब इंडस्ट्री में मेरे नाम के आगे वेटेरन लगने लगा है। मैं ही नहीं मेरे जैसे कई ऐसे कलाकार हैं जो आज अपना एक अलग मुकाम बनाने में कामयाब हुए हैं।

Read also: देहाती डिस्को पर मटके आलिया के पति रणवीर कपूर

फिल्मों में काम करना है ऐसा कब सोचा?

शुरू से ही ऐक्टिंग करने का कीड़ा था। स्कूल टाइम से मंच पर नाटक में अव्वल आता था। फिर मथुरा रेडियो पर नाटक करने लगा। फिर थिएटर करने लगा। सपनों की नगरी मुम्बई जाकर फिल्मों में काम करूंगा ऐसा तो नहीं सोचा था लेकिन एक अच्छा नाट्य कलाकार बनना है यह सपना था। मेरे दोस्त संदीपन नागर थे जिनके साथ मैं थिएटर करता था। उन्होंने एक फिल्म बनाई थी सुबह होने तक। इस फिल्म में मैंने काम किया जिसके वजह से मुम्बई आया। लेकिन फिर वहां मेरी तबीयत खराब हुई तो मैं वापस मथुरा आ गया था। फिर मेरे एक दोस्त ने मुझे टोटका बताया कि आप एक जून का टिकट कराओ। दो जून को मुम्बई वीटी पर उतरना। वहां चाहे कुछ ना मिले लेकिन 2 जून की रोटी जरूर मिलेगी। बस वही टोटका मैंने किया और 1989 दो जून को मुम्बई पहुंचा और बस तब से मेरा फिल्मी सफर जारी है।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

बढ़ती उम्र में इनके लिए मातृत्व सुख आसान नहीं था!

छोटे पर्दे की कई मशहूर अदाकाराएं लंबे इंतजार और...

न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए

जाने माने शायर बशीर बद्र का शुक्रवार को 91...

रियल लाइफ कैरेक्टर निभाने के लिए सिर्फ स्क्रिप्ट काफी नहीं – रणदीप हुड्डा

रणदीप हुड्डा इन दिनों अपनी वेब सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश...