नेताओं की ज़बान भी अजीब होती है कब फिसल जाय कहा नहीं जा सकता, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की भी ज़बान फिसल गयी (उनके अनुसार) कर उन्होंने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कह दिया। बवाल तो होना ही था, संसद और संसद के बाहर भाजपा इस फिसलन पर फैल गयी और कांग्रेस पार्टी को महिला विरोधी बताते हुए माफ़ी की मांग करने लगी. मामले ने तूल पकड़ा तो अधीर रंजन चौधरी ने अपनी गलती को मान लिया और कहा कि यह ज़बान फिसलने के कारण हुआ, भाजपा इस छोटी सी बात का बतंगड़ बना रही है. वहीँ सोनिया गाँधी से जब अधीर रंजन की फिसलन पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ने माफ़ी मांग ली है.
भाजपा ने संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर कांग्रेस को जमकर घेरा और उसे महिला, दलित और आदिवासी विरोधी बताया। गोवा बार मामले में इन दिनों मीडिया में सुर्खियां बनी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मोर्चा संभाला और इस मामले पर कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गाँधी से माफ़ी मांगने की मांग की. स्मृति ईरानी ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू को कांग्रेस पार्टी देश के राष्ट्रपति के रूप में स्वीकार नहीं कर पा रही है, जबसे उनके नाम की घोषणा हुई तबसे कांग्रेस पार्टी ने उन्हें घृणा और उपहास का शिकार बनाया. कांग्रेस पार्टी ने उन्हें कठपुतली, अशुभ और अमंगल का प्रतीक, और न जाने क्या क्या कहा. कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती थी कि कोई महिला आदिवासी देश के इस सर्वोच्च पद को सुशोभित करे.
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वहीँ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी को व्याकरण की गलती बताया, काज ने कहा कि कांग्रेस नेता ने ऐसा जानबूझकर नहीं किया. यह भाषा की गलती है जिसपर इतना हंगामा करना गलत है. खड़गे ने कहा कि अधीर रंजन ने जुबान फिसलने की गलती को माना है. बता दें कि कांग्रेस अध्यक्षा से चल रही ईडी की पूछताछ का विरोध कर रही कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को भी संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया था. इसी विरोध प्रदर्शन के दौरान एकटीवी चैनल को दी हुई बाईट में लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति के स्थान पर ‘राष्ट्रपत्नी’ शब्द का इस्तेमाल किया था जिसके बाद यह सारा हंगामा हुआ.

