कांग्रेस अध्यक्ष पद की चुनावी तारीख का एलान होते है, इस पद के लिए लोगों ने अपनी रूचि दिखानी शुरू कर दी है. बता दें कि कांग्रेस पार्टी में इस बार गाँधी फैमिली से बाहर के किसी कांग्रेसी नेता को अध्यक्ष बनाने की बात हो रही है क्योंकि गाँधी परिवार ने साफ़ तौर पर अब यह ज़िम्मेदारी लेने से मना कर दिया है, हालाँकि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता अब भी राहुल गाँधी को मनाने की कोशिश कर रहे हैं. वहीँ पार्टी के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और शशि थरूर ने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने में दिलचस्पी दिखाई है. बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव 17 अक्टूबर को होगा।
दरअसल शशि थरूर ने अखबार मातृभूमि में एक लिखा था जिसमें उन्होंने CWC सदस्यों के लिए भी चुनाव कराने की वकालत की थी. हालाँकि थरूर अपनी उम्मीदवारी को लेकर चल रही खबर पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने की बात को ख़ारिज भी नहीं किया है. थरूर का नाम पहले भी सामने आया था, खबर थी कि अगर गाँधी फैमिली का कोई सदस्य अध्यक्ष नहीं बनता है तो वह इस बारे में सोच सकते हैं. वहीँ सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह भी अपना मन बना रहे हैं.
शशि थरूर जो तिरुवनंतपुरम से सांसद हैं ने नए अध्यक्ष के अध्यक्ष के चुनाव को पुनरुद्धार की ओर एक शुरुआत बताते हुए कहा कि कांग्रेस को इसकी सख्त जरूरत है. थरूर ने उम्मीद जताई कि चुनाव के लिए कई उम्मीदवार सामने आएंगे. शशि थरूर ने कहा कि वैसे तो पार्टी को पूरी तरह से पुनर्जीवित करने की जरूरत है लेकिन जिस पद को तत्काल भरने की जरूरत है वह स्वाभाविक रूप से अध्यक्ष का पद है.
इन दोनों नेताओं के अलावा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत का नाम तो पहले से चल रहा है कि गाँधी फैमिली का करीबी होने की वजह से वह अध्यक्ष बनाये जा सकते हैं और राजस्थान के लिए सचिन पायलट को अगले मुख्यमंत्री के रूप में पेश किया जा सकता है. बहरहाल इतना तो तय है कि अगर गाँधी परिवार से वाकई कोई अध्यक्ष पद के लिए सामने नहीं आता है तो मामला चुनाव में ज़रूर जायेगा, सर्वसम्मति से हल नहीं निकलने वाला।

