IMF and World Bank meeting: भारतीय बैंकिंग प्रणाली लचीली और पूर्ण तरीके से स्वास्थ्य- RBI गवर्नर

बिज़नेसIMF and World Bank meeting: भारतीय बैंकिंग प्रणाली लचीली और पूर्ण तरीके...

Date:

वाशिंगटन। भारतीय रिजर्व बैंक आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास अमेरिका में जी 20 के सम्मेलन के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है। उन्होंने कहा कि भारत वित्तीय प्रणाली अमेरिका और स्विट्जरलैंड के हालिया घटनाक्रमों से अछूती है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर ने वाशिंगटन में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका और स्विट्जरलैंड में बैंकिंग प्रणाली में हालिया घटनाक्रमों ने वित्तीय स्थिरता और बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता के महत्व को एक बार फिर उजागर किया है।

IMF और विश्व बैंक की बैठक में हिस्सा लेने वाशिंटन पहुंचे हैं आरबीआई गवर्नर

शक्तिकांत दास केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में शामिल होने के लिए वाशिंगटन पहुंचे थे। सिलिकॉन वैली बैंक के डूबने से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अमेरिका और स्विट्जरलैंड में बैंकों की विफलताओं से जुड़ी घटनाक्रमों ने स्वाभाविक रूप से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। उन्होंने कहा, ‘जहां तक भारत का सवाल है, भारतीय बैंकिंग प्रणाली, भारतीय वित्तीय प्रणाली अमेरिका या स्विट्जरलैंड में हुए घटनाक्रमों से पूरी तरह अछूती है। हमारी बैंकिंग प्रणाली लचीली, स्थिर और स्वस्थ है।

नियामकों की कमजोरियों को जल्द से जल्द पहचानने पर करना चाहिए फोकस

उन्होंने कहा, ‘बैंकिंग से संबंधित मापदंड, चाहे वह पूंजी पर्याप्तता हो, तनावग्रस्त परिसंपत्तियों का प्रतिशत हो, व्यक्तिगत और प्रणालीगत स्तर पर अलग-अलग बैंकों की तरलता का कवरेज अनुपात हो या प्रावधान कवरेज अनुपात, बैंकों के शुद्ध ब्याज मार्जिन का मामला हो या बैंकों की लाभप्रदता इन सभी पैरामीटर पर भारतीय बैंकिंग प्रणाली अब भी बहुत स्वस्थ बनी हुई है।

शक्तिकांत दास ने कहा कि जहां तक भारतीय रिजर्व बैंक का सवाल है, पिछले कुछ वर्षों में हमने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों सहित पूरी बैंकिंग प्रणाली के अपने विनियमन और पर्यवेक्षण में काफी सुधार किया और सख्ती बरती है। रिजर्व बैंक के गवर्नर ने कहा कि निगरानी (नियामकों) का फोकस कमजोरियों की जल्द से जल्द पहचान करने पर होना चाहिए, न कि संकट के बढ़ने का इंतजार करने पर।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

अब युवा मंच से कहेंगे ‘मैं भी कॉकरोच हूं’,

“मैं भी कॉकरोच हूं” बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, राजनीतिक वादों, सामाजिक...

गोरखपुर हाईवे पर ट्रक-डंपर भिड़े, जिंदा जले ड्राइवर और क्लीनर

रॉन्ग साइड से आए डंपर ने मारी टक्कर, धधकती...

जेल यात्रा के बाद मेरा जुड़ाव रंगमंच से हो गया था- पंकज त्रिपाठी

न्यूज डेस्क: उन्होंने साल 2004 में फिल्म 'रन' से...