- बोले देश को आपकी जरूरत
- खुशी से झूम उठा पूरा परिवार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 67वीं बार मन की बात कार्यक्रम में देश की जनता को संबोधित किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने जहां करगिल युद्ध के 21 साल पूरे होने पर इस जंग में जान गंवाने वाले भारतीय सैनिकों को याद किया। वहीं, उन छात्रों से भी बातचीत की, जिन्होंने इस साल बोर्ड परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन किया है। उनमें से एक उत्तर प्रदेश में अमरोहा के उस्मान सैफी भी थे। करीब चार मिनट की बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने उस्मान के परिवार, उसकी भविष्य की योजनाओं, पसंद समेत कई मुद्दों पर बात की। इसके बाद परिवार में खुशी का माहौल है।
कौन है उस्मान सैफी?
अमरोहा के मंडी धनोरा कस्बा के मोहल्ला कटरा स्टेशन रोड निवासी जाकिर सैफी कबाड़ की दुकान चलाते हैं। परिवार में पत्नी और पांच बच्चे हैं। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, बावजूद इसके वे अपने बच्चों को अच्छी तालीम दे रहे हैं। ग्रेजुएशन करने के बाद दो बेटों की शादी कर चुके हैं। तीसरे बेटे उस्मान सैफी ने इस साल बीकॉम में दाखिला लिया है। वह नगर के हीरा इंटरनेशनल स्कूल का छात्र था। 12वीं में उस्मान सैफी ने 97.8 प्रतिशत नंबर पाकर जिले में टॉप-10 बच्चों में अपना स्थान बनाया था। सैफी की छोटी बहन कक्षा आठ की छात्रा है। रविवार को प्रशासन ने उसे केंद्रीय विद्यालय मुरादाबाद बुलाया, जहां उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके कार्यक्रम मन की बात में अपने मन की बात रखी।
पीएम मोदी से हुई ये बात
शुरुआत में प्रधानमंत्री ने उस्मान को बोर्ड परीक्षा पास करने के लिए बधाई दी। इसके बाद जीवन की महत्वाकांक्षाओं के बारे में पूछा। सैफी ने जवाब दिया कि, मैं जेईई मेन्स की तैयारी कर रहा हूं। जो सितंबर में आयोजित किया जाएगा और मैं आईआईटी में जाना चाहता हूं। अपनी इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद, मैं एक आईएएस अधिकारी बनना चाहता हूं। उस्मान ने अपने शौक के बारे में बात करते हुए कहा, “मुझे जीएसटी, डिमोनेटाइजेशन (विमुद्रीकरण) आदि जैसे करंट अफेयर्स पर लिखना बहुत पसंद है।” पीएम यह जानकर चकित थे कि उन्हें पढ़ाई के अलावा ऐसे प्रमुख मुद्दों पर लिखना बहुत पसंद है। पीएम ने कहा कि, मुझे यह जानकर खुशी हुई कि आप इन महत्वपूर्ण विषयों के बारे में पढ़ते और लिखते हैं। लेखन से आपको अपनी सोच और सीखने के कौशल को सुधारने में मदद मिलती है। जब उन्हें पता चला कि उस्मान गणित में रुचि रखते हैं, तो उन्होंने उन्हें वैदिक गणित ऑनलाइन सीखने की कोशिश करने की सलाह दी। अंत में पीएम ने कहा कि, आप सदैव यशस्वी रहो, आगे बढ़ो। देश को आप जैसे होनहार छात्रों की जरुरत है।

