समाजवादी पार्टी प्रमुख और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने आज मुख्यमंत्री योगी के समाजवाद पर दिए बयान पर पलटवार किया है. अखिलेश ने कहा कि ‘समाजवाद’ शब्द के बारे में भाजपा सरकार कह रही है कि यह शब्द बाद में आया अगर हम अपने समाज को देखें और समझें तो भारतीय समाज में हमेशा समाजवाद रहा है, समाजवादी रूप में ही आगे बढ़ा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जो रामराज्य है वही समाजवाद है, समाजवाद के बिना रामराज्य नहीं आ सकता।
आंबेडकर का दिया संविधान नहीं मानती है भाजपा
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा के लोग बाबा साहब अम्बेडकर का दिया हुआ संविधान नहीं मानते। ये तो संविधान को बदलने में लगे हुए हैं। भाजपा सबका साथ सबका विकास की बात कहती है लेकिन सवाल यह समाजवादी सिद्धांतों पर चले बिना सबका साथ सबका विकास कैसे संभव है? सपा प्रमुख ने एकबार फिर जातीय जनगणना की बात करते हुए कहा कि जातिवार जनगणना खुशहाली का रास्ता होगा। जातीय जनगणना से समाज में एक दूसरे के प्रति भेदभाव और खाई खत्म होगी जो भाजपा लगातार पैदा करने का प्रयास करती रहती है.

किसानों, युवाओं को धोखा दे रही है भाजपा
अखिलेश ने कहा ये सरकार बजट खर्च नहीं कर पा रही है, किसानों को धोखा दे रही है, नौजवानो को धोखा दे रही है, सवालों से पीछे भाग रही है. अखिलेश ने कहा कि मेरी अनुपस्थिति में समाजवाद पर टिपण्णी की गयी, मुख्यमंत्री ने कहा मैं भाग गया. मुख्यमंत्री को अच्छी तरह मालूम था कि मैं कहाँ था और शायद इसीलिए वो बौखलाए हुए थे. बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब विधान परिषद् में उनकी गैरमौजूदगी का मज़ाक उड़ा रहे थे तब अखिलेश यादव तमिलनाडु में विपक्षी पार्टियों की एकता के लिए बुलाई गयी स्टालिन की सभा में भाग लेने गए थे.

अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई सदन की कार्रवाई
आज पिछले 11 दिनों से चल रही बजट सत्र की कार्रवाई अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गयी. इन 11 दिनों में सदन 36 मिनट के लिए स्थगित हुआ और 83 घन्टे 15 मिनट सदन की कार्यवाही हुई. स्पीकर सतीश महाना ने सदन के स्थगन की घोषणा की. बजट सत्र के समापन के बाद विधानभवन के सामने विधान सभा स्पीकर सतीश महाना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता विपक्ष अखिलेश यादव समेत सभी मंत्रियों और विधायकों का ग्रुप फोटो सेशन भी संपन्न हुआ.

