हरिद्वार– 2024 के आम चुनाव से पहले उत्तराखंड में कांग्रेस के भीतर ही खींचतान दिखाई देनी शुरू हो गई जहां एक और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत हरिद्वार लोकसभा सीट से तैयारी जुटे हुए थे तुम ही पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने हरिद्वार लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया जिसके बाद उत्तराखंड की राजनीति गलियारों में चर्चाओं का दौर फिर से शुरू हो गया. हरिद्वार के मातृ सदन आश्रम में कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे हरक सिंह रावत ने मीडिया से बात करते हुए हरिद्वार लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान किया. हरक सिंह रावत के इस ऐलान पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी मुस्कुराते हुए हर किसी को दावेदारी करने का हक है कहते नजर आए.
तैयारी हरदा की ऐलान हरक सिंह रावत का
2024 का महासंग्राम अभी भले ही कुछ समय बाकी है लेकिन उत्तराखंड की हरिद्वार लोकसभा सीट पर कांग्रेस के भीतर गहमागहमी तेज होते हैं. विधानसभा चुनाव के बाद हरिद्वार लोकसभा सीट से कांग्रेस को 11 में से 5 सीटें मिली थी. जिसके बाद कांग्रेसी खेमे में 2024 के लिए नई उम्मीद दिखनी शुरू हुई. शायद यही वजह थी कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी सक्रियता हरिद्वार में तेज कर दी थी. इसके अलावा हरीश रावत के नजदीकी कहे जाने वाले नेताओं को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी भी मिलने लगी थी. लेकिन रविवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने मीडिया में हरिद्वार से चुनाव लड़ने का बयान देकर कांग्रेस के भीतर नए समीकरणों को जन्म दे दिया. हालांकि हरीश रावत हरक सिंह रावत के इस बयान पर मुस्कुराते हुए इतना ही कहा कि हर किसी को दावेदारी करने का अधिकार है.
हरदा से नहीं मिले हरक
हरीश रावत और हरक सिंह रावत की राजनीतिक प्रतिद्वंदिता किसी से छिपी नहीं है. विधानसभा चुनाव के दौरान हैं दोनों नेताओं के बीच तकरार की खबरें लगातार बाहर आती रही. रविवार को हरिद्वार से चुनाव लड़ने के ऐलान के समय जब हरीश रावत वहां पहुंचे तो हरक सिंह रावत ने उनसे दूरी बनाए रखी. हालांकि उनके कई समर्थक उन्हें हरीश रावत से आशीर्वाद लेने की सलाह देते रहे. लेकिन हरक सिंह रावत ने समर्थकों की सलाह को दरकिनार करते हुए हरीश रावत से मिलना उचित नहीं समझा और बिना मिले ही वहां से चले गए.

