चुनावों की आमद के बीच उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण लगातार विकराल होता जा रहा है। बीते 24 घंटे में प्रदेश में जहां 13 हजार से ज्यादा मरीज मिले हैं। वही कई जिलों में 12 सौ से अधिक मरीज सामने आए हैं। इनमें सर्वाधिक गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद और मेरठ जिले शामिल हैं। मेरठ में बुधवार को बीते 24 घंटे में 1212 मरीजों में संक्रमण मिला है। जबकि 5 हजार से अधिक सक्रिय केस हो गए हैं। इतनी अधिक संख्या में मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन के हाथ पैर फूल गए है। वहीं शासन की नजरें भी टेढ़ी हो गई हैं। बुधवार को प्रदेश राहत आयुक्त रणवीर सिंह मेरठ पहुंचे और जिले में कोरोना कंट्रोल को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। वहीं स्वास्थ्य सुविधाओं का औचक निरीक्षण भी किया।
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बच्चों की बढ़ रही संख्या
जिले में कोरोना संक्रमण से 1 से 18 साल के बच्चे तेजी से प्रभावित हो रहे हैं। बीते 3 दिन में ढाई सौ से ज्यादा बच्चों में संक्रमण मिल चुका है। बुधवार को भी 126 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि अधिकतर बच्चों में मामूली लक्ष्मण ही दिखाई दे रहे हैं। अभी तक किसी में भी गंभीर लक्षण सामने नहीं आए हैं। मौसम में बदलाव और सर्दी के प्रकोप के चलते भी बच्चों में संक्रमण का प्रसार तेजी से होने की संभावना है।चिकित्सकों का कहना है कि नमी वाला मौसम होने की वजह से वायरस अधिक देर तक सक्रिय रहता है। ऐसे में संक्रमण का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए कसा हुआ मास्क और 2 गज की दूरी के नियम का पालन अवश्य करना होगा।
बच्चों की बढ़ रही संख्या
जिले में कोरोना संक्रमण से 1 से 18 साल के बच्चे तेजी से प्रभावित हो रहे हैं। बीते 3 दिन में ढाई सौ से ज्यादा बच्चों में संक्रमण मिल चुका है। बुधवार को भी 126 बच्चों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि अधिकतर बच्चों में मामूली लक्ष्मण ही दिखाई दे रहे हैं। अभी तक किसी में भी गंभीर लक्षण सामने नहीं आए हैं। मौसम में बदलाव और सर्दी के प्रकोप के चलते भी बच्चों में संक्रमण का प्रसार तेजी से होने की संभावना है।चिकित्सकों का कहना है कि नमी वाला मौसम होने की वजह से वायरस अधिक देर तक सक्रिय रहता है। ऐसे में संक्रमण का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। इससे बचाव के लिए कसा हुआ मास्क और 2 गज की दूरी के नियम का पालन अवश्य करना होगा।
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चिकित्सक हो रहे अधिक संक्रमित
हेल्थ वर्कर्स, डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ, कोरोना वायरस की चपेट में बहुत ज्यादा तेजी से आ रहे हैं। मरीजों के संपर्क में आने से संक्रमित चिकित्सकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। नर्सिंग स्टाफ और चिकित्सकों के संक्रमित होने से स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन में भी दिक्कत हो रही है।

