मेरठ। खाद्य सुरक्षा मिशन योजना (National Food Security Mission (NFSM)) के तहत अब मेरठ मंडल के सभी जिलों सहित प्रदेश के 26 जिलों में उर्द—मूंग की खेती को बढ़ावा देगी। भारत सरकार कृषि आमदनी बढ़ाने में किसानों की मदद में कोई कसर छोड़ना नहीं चाहती। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के तहत जायद फसली सीजन में मेरठ,गाजियाबाद,बुलंदशहर के अलावा बागपत सहित 26 जिलों को चुनाव गया है। इन जिलों के गन्ना किसान अब गन्ने के साथ ही उर्द-मूंग सहफसली खेती करेंगे। सरकार ने इन सभी 26 जिलों का चयन इसके लिए किया है। जायद फसलों की बुआई का लक्ष्य जारी किया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में अधिक से अधिक भूमि पर गन्ना के साथ उर्द-मूंग की बुआई कराकर सहफसली-कलस्टर प्रदर्शन कराए जाएंगे ताकि किसानों की आय बढ़े। गन्ना फसल में मूंग-उर्द की लाइन में बुआई
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ये सुविधाएं होगी किसानों को उपलब्ध :
किसानों को जिप्सम, जीव उर्वरक,कृषि रक्षा रसायन, खरपतवारनाशी, सिंचाई प्रबंधन, स्प्रिंकलर सेट एवं पाइप, जुताई, बीज पर भी अनुदान मिलेगा। कृषि की नवीनतम तकनीक, फसल सघनता बढ़ाने, रसायनिक उर्वरकों में कमी लाकर जैविक उर्वरकों को बढ़ावा देन में किसानों की सहायता की जाएगी। गन्ना के साथ दलहन की सहफसली खेती से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी।
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इन बीजों की बुवाई के लिए करेंगे प्रेरित :
विभागीय अफसरों को निर्देश दिया कि किसानों को प्रेरित कर नरेंद्र उर्द-1, आजाद उर्द-1, उत्तरा उर्द, आजाद उर्द-2, शेखर-2 और पंत उर्द-10 की बुआई कराएं। मूंग की प्रजातियों में नरेंद्र मूंग-1, मालवीय जाग्रति मूंग, सम्राट मालवीय जनप्रिया, मेहा, पूसा विशाल आजाद मूंग-1 जैसी उन्नतशील प्रजातियों के बीजों की बुआई कराएंगे।

