मेरठ। थाना मेडिकल में विवादित बैनर लगाने के मामले में पकड़े गए सभी छह भाजपाइयों को कोर्ट से आंतरिम जमानत मिली है। इन सभी को 25—25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर छोड़ा गया है। लेकिन इसकी इस आंतरिम जमानत के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई 15 जून है। यानी अगर पुलिस अपनी विवेचना ठीक तरह से और गंभीरता से करती है तो ये सभी छह आरोपी जेल पहुंच सकते हैं। इन सभी 6 बवालियों को जहाँ बीजेपी कार्यकर्ता बताने से पार्टी के पदाधिकारी परहेज करते रहे वहीं इनके बचाव में भी पूरे दिन जुटे रहे।
बता दें कि थाना मेडिकल में विवादित बैनर लगाने के मामले में प्रदेश में सियायत गरमाईं थी। जिस पर विपक्षी दल सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी इस मामले में टवीट किया था। वहीं प्रदेश भर में मामला गूंज गया था। विधायक और मंत्रियों के फोन पुलिस अधिकारियों के पास खूब घनघनाए। हरकत में आई पुलिस ने विवादित बैनर लगाने वाले छह आरोपियों की गिरफ्तारी शुक्रवार देर रात करीब तीन बजे कर ली थी। वहीं दूसरी ओर इन छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इनको छुटवाने के लिए भी सिफारिशों का दौर चलता रहा।
हालांकि बीजेपी इनको अपना कार्यकर्ता बताने से इंकार करती रही। वहीं उनके बचाव के भी पूरे इंतजाम किये गए थे। नामजद छह आरोपियों को कोर्ट में पेश कर किया गया। जिसके बाद सभी आरोपियों की आंतरिम जमानत पर रिहाई हो गई। बताया जाता है कि पुलिस की कमजोर विवेचना के चलते ऐसा हुआ है। इस मामले में सरकारी अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार का कहना है कि कोर्ट ने सभी आरोपियों को अंतरिम जमानत पर छोड़ा है। अंतरिम जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 15 जून की तिथि नियत की गई है। कोशिश की जाएगी कि इसमें इस तारीख तक पुलिस गंभीरता के साथ मामले की पैरवी करे तो सभी आरोपी फिर से जेल जा सकते हैं।

