मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के एलएलबी के छात्र सचिन आज जिंदगी की जंग हार गया। आईआईएमटी विवि प्रबंधन तंत्र और पुलिस की लापरवाही की भेंट एक होनहार छात्र चढ़ गया। इतना सब कुछ होने के बाद भी आईआईएमटी विवि के बाहर देर रात कुछ अराजकतत्वों ने फायरिंग की। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब विवि प्रबंधनतंत्र से सीसीटीवी फुटेज मांगे तो मना कर दिया। वहीं एलएलबी के छात्र को गोली मारने वालों के खिलाफ पुलिस अब गैंगस्टर की तैयारी कर रही है। मेरठ गंगानगर स्थित आइआइएमटी विवि के एलएलबी के छात्र सचिन यादव की आज सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। उसका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। पुलिस अब एलएलबी के छात्र सचिन को गोली मारने वाले आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की तैयारी कर रही है। हालांकि कुछ हमलावरों को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। जबकि फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस के हाथ अभी मुख्य आरोपी भाजपा नेता का रिश्तेदार कादिर नहीं आया है। गोली लगने से घायल एलएलबी छात्र सचिन यादव का मेरठ के ही निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। आज सुबह उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
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टीपीनगर थाना क्षेत्र के वेदव्यासपुरी निवासी जयभगवान का पुत्र सचिन आइआइएमटी विवि से एलएलबी कर रहा है। उसको गत गुरुवार को गोली मार दी गई थी। इस मामले में भाजपा नेता के भतीजे कादिर सहित तीस से अधिक आरोपी नामजद हुए थे। इनमें से अधिकांश फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है। सात आरोपितों को जेल भेजा जा चुका है। कादिर समेत फरार सभी की गिरफ्तारी के लिए मुखबिर तंत्र और सर्विलांस का भी सहारा लिया जा रहा है। रविवार को भी पुलिस की कई टीमों ने उनके घर, दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां पर दबिश दी थी। लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि दबिश दी जा रही है। जल्द ही फरार आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
एलएलबी के छात्र सचिन पर हमले में हिस्ट्रीशीटर अमित मरिंडा का नाम सामने आया है। भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष के भतीजे कादिर को अमित मरिंडा ने सचिन को मारने के लिए पिस्टल मुहैया कराई थी। पुलिस का शिकंजा कसने से पहले ही अमित मरिंडा ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।

