23 ब्रांच खोली, 9 हजार ग्राहको से 28 करोड़ रूपये जमा कराये
रायवाला। 5वीं पास दिहाड़ी मजदूर और एक बीमा एजेंट ने फर्जी फाइनेंस कंपनी बना कर लोगों से करोड़ों रूपये की ठगी कर ली। इन शातिर बदमाशों ने लगभग ढाई साल में कंपनी की 23 ब्रांच खोलकर स्कीम और लोन के नाम पर 9 हजार ग्राहकों से 28 करोड़ रूपये जमा करा लिये। आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज होने पर पुलिस ने जांच कर दोनो शातिरों को गिरफ्त में ले लिय। रविवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार कंपनी का एमडी कमल एक बीमा कंपनी में बतौर एजेंट कार्य करता था। वहीं उसका साथी पांचवी पास नसीमुद्दीन दिहाड़ी मजदूरी करता था। जनवरी 2018 में दोनों ने मिलकर कैलाशी विजन प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के नाम से फर्जी कंपनी बनाकर देहरादून में 13, कोटद्वार में 1, नजीबाबाद में 5 और मध्यप्रदेश में 3 सहित कुल 23 ब्रांच खोल लीं।
लोगों को रकम जल्द दोगुना करने तथा कंपनी में पैसा जमा करने पर लोन देने का झांसा कर देकर वह ग्राहकों से पैसा जमा कराते रहे। मात्र ढाई साल में उन्होंने 9000 ग्राहक बना लिए और उनसे आरडी, एफडी व डेली डिपाजिट स्कीम और लोन के नाम पर 28 करोड़ रुपये भी कंपनी की विभिन्न ब्रांचों में जमा करा लिये। दोनों शातिर पैसा लौटाने का समय नजदीक आते ही ब्रांच बंद कर वहां से भाग खड़े होते थे।
फर्जी कंपनी में अपनी गाढ़ी रकम फंसा चुके नरेश चंद्र कुकरेती पुत्र ललित मोहन कुकरेती निवासी प्रतीतनगर, रायवाला निवासी ने पुलिस से धोखधड़ी किये जाने की शिकायत की थी। पुलिस ने इस मामले में जांच की तो कंपनी का संचालन पूर्णतया फर्जी पाया। रायवाला थाना प्रभारी हेमंत खंडूड़ी ने बताया कि कंपनी ने सिर्फ रायवाला में ही 110 ग्राहकों के 40 लाख रुपये नहीं लौटाए हैं। रविवार को दोनों आरोपितों कमल भारती पुत्र हीरालाल भारती, निवासी ग्राम इस्सेपुर, नजीबाबाद, जिला बिनजौर और नसीमुद्दी पुत्र हरसत अली, निवासी जमनपुर, सेलाकुई को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट के आदेश पर दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले की गहराई में जाकर जांच कर रही है।

