बाघ देखना है तो आईये जिम कार्बेट नेशनल पार्क

उत्तराखंडबाघ देखना है तो आईये जिम कार्बेट नेशनल पार्क

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बाघ देखना है तो आईये जिम कार्बेट नेशनल पार्क

इस वर्ष पार्क के बफर जोन में भी बाघों की आवाजाही बढ़ी, बनाये दो बड़े बाड़े

15 अक्तूबर से शुरू हो रहे जंगल सफारी में पर्यटकों को बाघ दिखने की संभावना बढ़ी

न्यूज डेस्क। बाघ देखने की हसरत मन में लिये हर साल काफी संख्या में सैलानी जिम कार्बेट नेशनल पार्क आते हैं। मगर बाघ को देखने के लिये किस्मत का साथ होना जरूरी है। कई पर्यटकों को पहली बार में ही बाघ के दीदार हुए तो कई ऐसे भी हैं जो कई बार पार्क में आने के बावजूद बाघ को देखने की इच्छा पूरी नहीं कर सके। लेकिन इस साल 15 अक्तूबर से आयोजित किये जा रहे जंगल सफारी में पर्यटकों की बाघ देखने की हसरत जरूर पूरी होगी। क्योंकि काॅर्बेट पार्क के बफर जोन में भी बाघों की आवाजाही बढ़ी है। पार्क प्रबंधन का दावा है कि पाखरो जोन में बनाये जा रहे बाड़े में पर्यटकों को बाघ देखने का मौका अवश्य मिलेगा।

बाघ, लोगों को डराता भी है और लुभाता भी है। यही कारण है कि खुले जंगल में बाघों की चहलकदमी को देखने के लिये जिम कार्बेट नेशनल पार्क में आने के लिये पर्यटक बेताब रहते हैं। मगर बाघ को देखने का मौका हर किसी को नहीं मिल पाता था। बाघ देखने की हसरत मन में लिये कार्बेट पार्क में आने वाले अनेक पर्यटकों को निराश होकर वापस लौटना पड़ता था।

लेकिन इस साल पार्क में आने वाले पर्यटकों को बाघ का दीदार होने की संभावनाएं बढ़ी हैं। पार्क प्रबंधन के अनुसार कार्बेट के 467 वर्ग किलोमीटर में फैले बफर जोन में बाघों का मूवमेंट बढ़ा है। वहीं पार्क के कुल 1288 वर्ग किलोमीटर के दायरे में 250 से अधिक बाघ देखने को मिले हैं। वहीं पर्यटकों की बाघ देखने की हसरत को पूूरा करने के लिये पाखरो जोन में 35-35 हेक्टेयर के दो बड़े बाड़े बनाये जा रहे हैं। एक बाड़े में तीन बाघ और दूसरे बाड़े में दो बाघ रखे जाएंगे। इस साल 15 अक्तूबर से शुरू हो रहे जंगल सफारी में इन बाड़ों के नजदीक आने पर पर्यटकों को बाघ देखने को अवश्य मिलेंगे और उन्हें मायूस होकर नहीं लौटना पड़ेगा।

पर्यटकों को कोविड नियमों का करना होगा पालन
पार्क में आने वाले पर्यटकों को कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जारी गाइडलाइन का पालन करना होगा। पार्क प्रबंधन द्वारा जारी गाईडलाइन के अनुसार काॅर्बेट पार्क में आने पर प्रवेश द्वार पर ही वाहनों का सेनेटाइजेशन किये जाना अनिवार्य होगा। पर्यटक मास्क लगाये बगैर पार्क में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। पर्यटकों को निजी तौर पर सेनेटाइजर रखना अनिवार्य होगा। गेस्ट हाउस परिसर में सोशल डिस्टेंस का पालन करना जरूरी होगा। गेस्ट हाउस के प्रत्येक कमरे में एक बार में अधिकतम दो लोग ही रह सकेंगे। एक जिप्सी में छह से अधिक पर्यटक को जाने की अनुमति नहीं होगी। वहीं में पांच सौ मीटर की दूरी से ही बाघ को देखने की अनुुमति दी गयी है। हिरन, हाथी, सांभर आदि को 50 से 100 मीटर की दूरी से देखा जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले पर्यटकों पर 25 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना लग सकता है।

जिम काॅर्बेट नेशनल पार्क के निदेशक राहुल ने बताया कि कोविड-19 संक्रमण के चलते पार्क भ्रमण के लिये नियमों को सख्त किया गया है। पार्क में आने वाले पर्यटकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। नियमों का उल्लघंन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी और जुर्माना भी वसूला जा सकता है।

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