देहरादून। उत्तराखंड के जंगलों को आज बारिश और बर्फबारी से कुछ राहत मिली है। ये राहत अग्निकांड की घटनाओं से मिली है। पर्वतीय इलाकों के जंगल में लगी आग बुझने का नाम नहीं ले रही थी। लेकिन आज बारिश और बर्फबारी ने कई जंगलोंं में लगी आग को बुझा दिया।
हालांकि प्रदेश के तराई और मैदानी इलाकों में अभी भी गर्मी पड़ रही है। बता दें कि पिछले 24 घंटे के भीतर गर्मी के चलते आग की 104 घटनाएं सामने आ चुकी है। जिन पर काबू पाने में अग्निशमन विभाग नाकाम रहा। इस अग्निकांड ने 167 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र को हानि पहुंचाई।
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गोपेश्वर,पौड़ी, लैंसडौन सहित अन्य पहाड़ी जंगल में आग धधक रही हैं। वहीं पिछले दो महीने में आग की घटनाओं की बात करें तो अब तक 903 अग्निकांड की घटनाएं हो चुकी है। जिनमें 1300 हेक्टेयर जंगली इलाका आग से प्रभावित हुआ है। वन विभाग आग पर काबू पाने में नाकाम रहा। यह अग्निकांड की घटनाएं विभाग के लिए चुनौती बन गई हैं।
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गर्मी में शुष्क मौसम के चलते तापमान में बढ़ोतरी होने पर जंगल में आग अनियंत्रित हो जाती है। आग के विकराल होने की स्थिति में पुलिस,राजस्व विभाग, एनडीआरएफ, होमगार्ड, पीआरडी, एसडीआरएफ के साथ ग्रामीण का सहयोग भी लिया जाता है। पिथौरागढ़,अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, टिहरी, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग जिलों के जंगलों में आग सुलग रही हैं।

