देहरादून। उत्तराखंड में अब मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होगा। धामी सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार के लिए केंद्र की ओर से अभी स्वीकृति नहीं मिली है। जिसके चलते मंत्रिमंडल विस्तार को रोक दिया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि नई दिल्ली में केंद्रीय नेताओं से बातचीत के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाओं पर कोई विचार नहीं हुआ है। उनके इस बयान से मंत्री पद की उम्मीद लगाने वाले विधायकों को बड़ा झटका लगा है। बकौल, प्रदेशाध्यक्ष भट्ट प्रदेश कार्यकारिणी में बदलाव को लेकर जरूर चर्चा हुई है। इससे माना जा रहा है कि प्रदेश में नई टीम का गठन इस माह के अंत तक हो जाएगा। इसके बाद प्रदेश सरकार में दायित्वों पर विचार किया जाएगा।ये बात भी प्रदेशाध्यक्ष भट्ट ने कही है। मुख्यमंत्री धामी और प्रदेश अध्यक्ष भट्ट के एक ही दिन नई दिल्ली में होने पर पहाड़ की भाजपा के सियासी हलकों में प्रदेश सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं गरमा उठी थीं। कयास लगाए जा रहे थे कि 15 अगस्त से पहले सरकार दायित्व बांट देगी।
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प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान से अब ये साफ हो गया है कि दायित्वों का आवंटन भाजपा की नई टीम की घोषणा के बाद ही होगा। दिल्ली से लौटे प्रदेशाध्यक्ष भट्ट ने नई टीम में 60 से 70 फीसदी नए चेहरों को जगह देने की बात कही है। ये माना जा रहा है कि मौजूदा प्रदेश कार्यकारिणी के कई पदाधिकारियों व वरिष्ठ सदस्यों को प्रदेश सरकार में दायित्व या और जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। भट्ट ने राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष से कार्यकारिणी से बदले जाने वाले वरिष्ठ पदाधिकारियों के नामों पर भी चर्चा कर ली है। सूत्र की माने तो वह प्रदेश महामंत्रियों, उपाध्यक्षों, प्रदेश मंत्रियों में से अधिकांश को इस बार बदलने के मूड में है। जिसके लिए केंद्र नेतृत्व ने अपनी स्वीकृति भी दे दी है। भाजपा की इस टीम में युवाओं को जगह दी जाएगी। पूरी टीम का गठन 2024 के चुनाव की तैयारी को लेकर ही किया जाएगा।

