प्रयागराज : बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिखाई दे रहीं हैं। मुख्तार की प्रॉपर्टी जब्त करने के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसके स्वजनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्तार की बीवी आफसा अंसारी, बेटे उमर व अब्बास के नाम करीब 10 करोड़ रुपये की अधिक की प्रापर्टी को चिंहित कर लिया गया है। अब उसे कुर्क करने की तैयारी चल रही है।
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इसमें लखनऊ के डालीबाग में आलीशान फ्लैट और मऊ व गाजीपुर में भी मकान, भूखंड समेत कई अचल संपत्ति शामिल है। उनका बाजार मूल्य करोड़ों रुपये माना गया है। बताया गया है कि विकास कंस्ट्रक्शन के नाम से भी कई संपत्ति अर्जित की गई है। फ्लैट और दूसरी प्रापर्टी मुख्तार के बीवी, बेटों के नाम पर हैं। उनके आय के स्रोत की जांच कर ली गई है, जिसमें पाया गया है कि संपत्ति को नियम विरुद्ध तरीके से जुटाया गया है। अब इन्हें मनी लांड्रिंग के केस में अटैचमेंट की कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत की जमीन पर कोल्ड स्टोरेज बनवा लगाई सरकार को करोड़ों की चपत
सूत्राें ने अनुसार मऊ में ग्राम पंचायत की जमीन पर एक कोल्ड स्टोरेज बनवाया गया था, जिसे किराए पर भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) को दिया गया था। अवैध ढंग से बने कोल्ड स्टोरेज के जरिए भारत सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया था। इस मामले में पुलिस की ओर से एफआइआर की गई थी, जिसके आधार पर ईडी ने मुख्तार अंसारी के विरुद्ध मनी लांड्रिंग का केस पिछले साल दर्ज किया था। साथ ही लखनऊ समेत अन्य जिलों में दर्ज अन्य मुकदमों को भी ईडी ने अपने केस में समाहित करते हुए छानबीन शुरू करते हुए अब उसकी बीवी व बेटों की संपत्ति का पता लगाया गया है। मऊ प्रशासन से रिपोर्ट न मिलने पर रिमाइंडर भी भेजा गया है, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ।

