ऊर्जा विभाग : केंद्रीय कानून ठेंगे पर, मुनाफाखोरी का खेल जारी, उपभोक्ता परिषद का एक और खुलासा

उत्तर प्रदेशऊर्जा विभाग : केंद्रीय कानून ठेंगे पर, मुनाफाखोरी का खेल जारी, उपभोक्ता...

Date:

लखनऊ। ऊर्जा विभाग में नियमों को ताक पर मुनाफाखोरी का खुला खेल-खेला जा रहा है। इस मामले को लेकर उपभोक्ता परिषद ने एक और बड़ा खुलासा कर हड़कंप मचा दिया है। इतना ही नहीं परिषद ने ऊर्जा विभाग के केंद्रीय सचिव आलोक कुमार से बात कर निजी घरानों में हड़कंप मचा दिया है। परिषद ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने एक अप्रैल 2022 को नया कानून बनाया था कि पावर एक्सचेंज पर 12 रूपये प्रति यूनिट की सीलिंग होगी। यानी किसी भी कीमत पर 12 रूपये प्रति यूनिट से ज्यादा बिजली नहीं खरीद सकते हैं।

लेकिन, परिषद के दावों के अनुसार इंडियन एनर्जी एक्सचेंज  13 से लेकर 17 रूपये प्रति यूनिट की दर तक बिजली बेच रहा है। मुनाफाखोरी के इस खेल में निजी घरानों का हाथ बताया जा रहा है। इस मामले की शिकायत परिषद ने ऊर्जा विभाग के केंद्रीय सचिव आलोक कुमार से की है। जिसके बाद से निजी घरानों हड़कंप मचा हुआ है। आलोक कुमार ने आश्वासन दिया है कि इस खेल को बंद कराया जाएगा। वहीं परिषद ने मांग की है कि भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट के आपदा में अवसर तलाशने वालों पर नकेल लगाई जाए। 

Also Read : BJP का चुनावी पैतरा, दिसंबर 2024 तक बढ़ाई गई पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि पूरा देश भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट का सामना कर रहा है। इसके लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय, कोयला मंत्रालय और रेलवे मंत्रालय जिम्मेदार है। क्योंकि, तीनों के बीच समन्वय नहीं होने की ही वजह से राज्यों को मिलने वाले कोयले की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। यही कारण है कि यूपी को प्रतिदिन 87900 मीट्रिक टन कोयला मिलना चाहिए, लेकिन अब यह मात्र 61309 मीट्रिक टन ही मिल रहा है। अवधेश कुमार वर्मा ने इसे बड़ी साजिश बताई है। 

उपभोक्ता परिषद ने लड़ी है लंबी लड़ाई

अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि इस सीलिंग को लेकर उपभोक्ता परिषद ने लंबी लड़ाई लड़ी है। जिसके बाद 12 रूपये की सीलिंग तय हुई थी। जबकि, 20 रूपये प्रति यूनिट तक बिजली बेची जा रही थी। हालांकि, परिषद की मांग पर ऊर्जा मंत्रालय ने दखल दिया जिसके बाद केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग की ओर से एक अप्रैल 2022 को पूरे देश में यह कानून बनाया गया कि अब पावर एक्सचेंज में डे हेड मॉर्केट यानी डीएएम और रियल टाइम माकेर्ट यानी आरटीएम के आधार पर कोई भी जनरेटर से बिजली देने के एवज में 12 रूपये प्रति यूनिट से अधिक दर पर बिजली नहीं बेच पाएगा। 

Also Read : Meerut Murder Case Update: सरेराह भतीजे की हत्या करने वाले इनामी चाचा पुलिस की गोली का शिकार,दो गिरफ्तार

ऐसे पकड़ा मुनाफाखोरी का ये खेल

अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि उपभोक्ता परिषद ने इस मुनाफाखोरी को तब पकड़ा जब वह चेक कर रहा था कि कानून का कितना पालन हो रहा है। इस दौरान एक्सचेंज की वेबसाइट खंगाली तो इंडियन एनर्जी एक्सचेंज की वेबसाइट को देखकर उपभोक्ता परिषद के होश उड़ गये। इंडियन एनर्जी एक्सचेंज नये कानून के बाद भी टीएएम के अंतर्गत एनर्जी एक्सचेंज टर्म हेड मार्केट के आधार पर 13 से लेकर 17 रूपये तक प्रति यूनिट की दर से बिजली बेच रहा है। 25 अप्रैल तक के डाटा को देखा जाए तो इस खेल को आसानी से पकड़ा जा सकता है। 

कड़ी कार्रवाई की मांग

अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि इस तरह का कृत्य आपराधिक है। वह भी तब जब पूरा देश बिजली के लिए परेशान है। केंद्र के बनाये कानून का पालन न होना बेहद गंभीर विषय है। सवाल यह है कि केंद्र सरकार अपने बनाये कानून की मॉनिटरिंग क्यों नहीं करता है। उन्होंने मांग की है कि इसकी जांच की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related