देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में चौकाने वाला खुलासा हुआ है। अंकिता की फोरेंसिक रिपोर्ट आ गई है। जिसमें चौकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट को अदालत के सामने खोला गया। जिसमें अंकिता के साथ दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। इसकी पुष्टि फोरेंसिक रिपोर्ट में हुई है। सूत्रों की माने तो एसआईटी ने इस मुकदमे की विवेचना अब लगभग पूरी कर ली है। जल्द ही केस की चार्जशीट दाखिल की जा सकती है।
ऋषिकेश में अंकिता भंडारी की हत्या के बाद आशंका जताई जा रही थी कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ होगा। इस बात को लेकर बहुत से लोगों ने जांच की मांग उठाई थी। पुलिस ने इस पर कार्रवाई की। इस क्रम में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस बात की जांच की गई। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी।
इस बीच वैजानइल स्वैब के नमूनों को फोरेंसिक लैब भेजा गया। इससे जांच की गई कि कोई दूसरा या आरोपियों का डीएनए तो नहीं है। सूत्रों के अनुसार डीएनए रिपोर्ट एसआईटी को मिल चुकी है। इसे कोर्ट के समक्ष खोला गया है। रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। अब पुलिस हत्या और अपहरण व अन्य धाराओं में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
सूत्रों की माने तो पिछले दिनों एसआईटी की टीम ने इसमें देह व्यापार की धाराएं जोड़ी हैं। जिससे भाजपा नेता और उसके हत्यारोपी बेटे की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस के आरोपों को भाजपा ने निराधार बताया।
अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि अंकिता प्रकरण में राजनीति कर रही कांग्रेस को पता है कि मामला अब एसआईटी के पास है। इस मामले में फास्ट ट्रैक में सुनवाई के लिए मुख्यमंत्री अदालत से भी अनुरोध कर चुके हैं। सरकार ने मामले मे त्वरित कार्रवाई की कर आरोपियों को जेल भेजा है। वहीं उत्तराखंड कांग्रेस उपाध्यक्ष और प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि जब तक अंकिता के हत्यारोपियों को सजा नहीं मिलेगी तब तक उत्तराखंडी चैन से नहीं बैठेंगे।

