Diwali 2022 Celebration: इन देशों में कुछ इस तरह मनाई जाती है दिवाली !

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लाइफस्टाइल डेस्क। Diwali 2022 Celebration – दिवाली एक ऐसा उत्सव है जो कि न सिर्फ भारत में मनाया जाता है बल्कि विश्व के अन्य देशों में भी इसके प्रति बहुत उत्साह है। यह संस्कृति के आदान- प्रदान का ही नतीजा है कि आज ब्रिटेन में दिवाली मनती है, तो भारत में क्रिसमस मनाया जाता है। हालांकि एक देश से दूसरे देश तक जब कोई संस्कृति पहुंचती है, तो सुविधानुसार उसमें परिवर्तन तो होते हैं ही, जो कि उस देश का अपना तरीका कहलाता है। 

जापान

जापान के योकोहामा शहर में दो दिवसीय दिवाली का आयोजन होता है। इन दो दिनों में अलग- अलग तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। लाखों की संख्या में लोग नाच-गाना करते हैं। लोग अलग-अलग तरह के मुखौटे पहनते हैं जिनमें अधिकतर बहुत मजाकिया होते हैं, रसोई से जुड़े होते हैं। इस दो दिवसीय दिवाली में भारतीय व्यंजन परोसे जाते हैं।

मलेशिया

मलेशिया में दिवाली को हरी दिवाली कहा जाता है। यहां के रीति-रिवाज भारत से भिन्न होते हैं। इस देश के लोग दिवाली की शुरूआत शरीर पर तेल लगाकर करते हैं। इसके बाद मंदिरों में जाकर यश, समृद्धि और सुख की प्रार्थना करते हैं। मलेशिया में तमिल-हिंदु रहते हैं इसलिए यहां के पूजा- पाठ में भी साउथ की झलक नजर आती है।

त्रिनिदाद और टोबैगो

कैरेबियन सागर के द्वीपों पर भी दिवाली का उत्साह देखते ही बनता है। यहां त्रिनिदाद और टोबैगो कम्यूनिटी मुख्य रुप से दिवाली मनाती है। दिवाली के दिन यहां मंच पर नाटक के माध्यम से हिंदु संस्कृति के बारे में बताया जाता है। पारंपरिक वेशभूषा में सभी कलाकार त्योहारों से जुड़ी कहानियां भी बताते हैं। लजीज व्यंजन भी तैयार किये जाते हैं। 

मॉरिशस

मॉरिशस में छोटे-छोटे द्वीपों पर दिपावली का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन यहां सार्वजिनक अवकाश होता है। लोग यहां घर की सफाई करने में बहुत विश्वास रखते हैं, उनकी ऐसी मान्यता है कि ऐसा करने से सारी नकारात्मक ऊर्जा चले जाती है। दिवाली के दिन यहां रावण दहन भी होता है। मॉरिशस के ट्रायोलेट गांव को पूरा सजाया जाता है और भारी मात्रा में लोग यहां एकत्रित होते हैं।

नेपाल

नेपाल के लोग दिवाली को तिहार कहते हैं। भारत की ही तरह यहां भी दीपोत्सव पांच दिन का होता है। जिसमें पहले दिन गाय को चावल खिलाये जाते हैं, दूसरे दिन कुत्तों को अलग- अलग पकवान खिलाना, तीसरे दिन लक्ष्मी पूजन, चौथे दिन यम पूजा होती है और पांचवे दिन भैया दूज मनाई जाती है। कुकुर तिहार अर्थात दूसरे दिन का यहां बहुत उत्साह रहता है।

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