- उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब सहित देशभर के 30 स्थानों पर काररवाई
- ढाई साल बाद कानपुर में विभाग की रेड
- तीनों समूहों का टर्नओवर एक हजार करोड़
न्यूज़ डेस्क। कर अंपवचना के मामले में आयकर विभाग ने शहर के तीन समूहों पर छापेमारी शुरू की है। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने करोड़ों रुपयों की कर अपवंचना का मामला पाया है। यह तीनों समूह पशु आहार, मिल्क सम्बंधित खाद्य उत्पाद और चिटफंड कारोबार करते है।
बुधवार को विभाग ने देशभर में एक साथ ३० ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पशु आहार बनाने वाली एक परिवार के तीन समूहों पर आयकर विभाग ने छापे मारे हैं। आयकर विभाग की टीम उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पंजाब के 30 स्थानों पर अपनी कार्रवाई कर रही है।
इसमें कानपुर में तात्या गंज स्थित फैक्ट्री, कानपुर देहात के रनिया में फैक्ट्री सहित एक अन्य फैक्ट्री एवं स्वरूप नगर, आर्य नगर स्थित चार आवास, विकास नगर स्थित एक आवास, जरीब चौकी पर स्थित कम्पनी का कार्यालय में सुबह ८ बजे से छापेमारी की जा रही है।
इसके साथ ही लुधियाना में खन्ना और संत कबीर नगर की फैक्ट्री पर भी छापे मारे गये हैं। वहीं दिल्ली स्थित कई ठिकानों पर आयकर विभाग की काररवाई चल रही है। आयकर अधिकारी के मुताबिक इन तीनों समूहों का वार्षिक कारोबार करीब 1000 करोड़ रुपये का है। आयकर के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक विभाग पशु आहार बनाने वाली इस कम्पनी सहित चिनफंड कम्पनी के तमाम कागजात में अनियमितता की जानकारी सामने आ रही थी।
देर रात तक यह आयकर विबाग की यह काररवाई जारी रही। आयकर विभाग की कानपुर टीम ने शहर में इतनी बड़ी काररवाई लगभग ढाई साल बाद की है। इतने लम्बे समय बाद की गयी छापेमारी के दौरान किसी तरह का विवाद नहीं इसके लिये आयकर ने पीएसी और पुलिस को भी साथ में रखा है। एक बटालियन को छापेमारी वाली जगह पर लगाया गया है।
वहीं एक टीम को आयकर निदेशालय में रिजर्व के तौर पर भी तैनात रखा गया है। कुछ समय पहले ही इस पशु आहार कम्पनी को बनाने वाले परिवार में विघटन भी हुआ है। इसमें चाचा वह भतीजे अलग हो गये थे। छापे के दौरान भतीजों के ससुर के आवास और प्रतिष्ठान पर छापे मारे गये। परिवार में विघटन के बाद दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ विभिन्न स्तरों पर तमाम शिकायतें भी की थीं।
माना जा रहा है कि छापे की यह काररवाई भी इन्हीं शिकायतों के आधार पर जांच के बाद काररवाई शुरू की गयी है। आयकर विभाग के उच्चपदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने फैक्ट्रियों और गोदामों से बहुत अधिक मात्रा में बिना घोषित स्टाक पकड़ा है। विभाग की ओर से ये काररवाई प्रधान आयकर निदेशक के निर्देश में की जा रही है। टीमों ने मौके पर मिले कम्प्यूटरों और कागजातों को भी कब्जे में ले लिया है। आयकर सूत्रों के अनुसार पशु आहार निर्माता लम्बे समय से आय कम करके विभाग को दिखा रहे थे, जिसकी वजह से आयकर को छापेमारी करनी पड़ी। आयकर विभाग की ओर से की गयी काररवाई से अन्य कारोबारियों में हड़कम्प मच गया।

