श्री राम मंदिर निर्माण के लिये खरीदी गयी भूमि को लेकर नया विवाद आया सामने
अयोध्या। श्री राम मंदिर निर्माण के लिये अयोध्या मेंखरीदी गयी भूमि को लेकर चल रहा विवाद शांत नहीं हुुआ कि एक और नया मामला सामने आया है। श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने 100 बिस्वा जमीन के लिए 18.50 करोड़ और 80 बिस्वा जमीन के लिए 8 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। अचंभे की बात यह है कि यह दोनों जमीन अगल-बगल हैं। अब इस सवाल का जवाब देने में निःसंदेह श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट को भी मुश्किल होेगी कि बराबर की दो अलग जमीनों के रेट में इतनी असमानता कैसे हो सकती है। जाहिर है कि यह मामला भी तूल पकड़ेगा और ट्रस्ट की मुश्किलें अभी और बढ़ेंगी।
राम नगरी अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है और साधु-संत भी इस मामले में बयान जारी करने से पीछे नहीं हट रहे हैं। वहीं जमीन की खरीद को लेकर एक नया आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि 18.50 करोड़ मेें 100 बिस्वा जमीन खरीदने वाली श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने उसी दिन 8 करोड़ रुपये में 80 बिस्वा जमीन भी खरीदी थी।
हरीश पाठक और कुसुम पाठक ने 18 मार्च 2021 को पहला बैनामा रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी के नाम 1.208 हेक्टेयर का किया था। इसी दिन हरीश पाठक और कुसुम पाठक ने 8 करोड़ रुपये में 80 बिस्वा जमीन चंपत राय के नाम रजिस्ट्री की है। अब सवाल यह उठ रहा है कि अगल-बगल स्थित दो जमीनों के दामों में इतनी असमानता क्यों है। यदि 80 बिस्वा जमीन की कीमत 8 करोड़ है तो 80 बिस्वा जमीन के लिए राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने 8 करोड़ चुकाए हैं तो 100 बिस्वा जमीन की कीमत 18.50 करोड़ रुपये कैसे हो गयी।

