यूपी के मदरसों में बेहतर शैक्षिक माहौल बनाने और वहां पर आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों में जुटी योगी सरकार ने प्रदेश के मदरसों का सर्वे करने का आदेश जारी किया था ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने गैरमान्यता प्राप्त मदरसे प्रदेश में चल रहे हैं. सरकार के निर्देश के अनुसार सर्वे कार्य को 20 अक्टूबर तक पूरा किया जाना था और 15 नवंबर तक सभी ज़िलों की रिपोर्ट सरकार को भेजनी थी. जानकारी के मुताबिक मदरसों के सर्वे का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चूका है. इस सर्वे के दौरान गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की जो संख्या सामने आयी है वो 6502 है, इनमें से 5200 मदरसों का काम पूरा हो चूका है और बाकी मदरसों के सर्वे का काम भी 20 अक्टूबर तक पूरा हो जायेगा।
सर्वे के दौरान पता चला है कि मुरादाबाद ज़िले में सबसे ज़्यादा गैर मान्यता प्राप्त मदरसे चल रहे हैं जिनकी संख्या 585 है, वहीँ बिजनौर में इस तरह के मदरसों की संख्या 450 है जबकि बस्ती में 401 गैर मान्यता प्राप्त मदरसों में पढाई चल रही है. इनके अतिरक्त गोंडा में 281, देवरिया में 270, सहारनपुर में 258, शामली में 244, संत कबीर नगर में 240, मुजफ्फरनगर में 222 सिद्धार्थनगर में 185 गैर मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हैं.
बता दें कि प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कार्य 10 सितंबर को शुरू किया गया था. इस सर्वे को लेकर सरकार को काफी विरोध झेलना पड़ा था, विपक्ष ने इस तरह के किसी भी सर्वे को सरकार की सांप्रदायिक पहल बताया था, 5 अक्टूबर को सर्वे कार्य भी रोक दिया था, इसके बाद सर्वे की आखरी तारिख बढ़ाकर 20 अक्टूबर कर दी गई. अब सर्वे टीम 31 अक्टूबर तक सभी जिलाधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी जिसे ज़िलों के डीएम 15 नवंबर तक अंतिम रूप देकर शासन के पास जमा कराएंगे.

