अमित बिश्नोई
देश में जब चुनाव शुरू हुआ तब ये कहा जा रहा था कि मोदी जी का तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना तय है, और वो इसलिए कहा जा रहा था क्यों नितीश कुमार जो इंडिया गठबंधन के गठन के सर्वेसर्वा थे मगर चुनाव शुरू होने से पहले ही वो इंडिया का साथ छोड़कर एनडीए के पाले में चले गए, इसके अलावा ममता बनर्जी ने भी इंडिया अलायन्स से दूरी बना ली थी. पश्चिम बंगाल में TMC ने किसी से भी गठबंधन नहीं किया था, लेकिन जैसे जैसे चुनाव शुरू हुआ और आगे बढ़ा चीज़ें बदलनी शुरू हो गयी, वही लोग जो पहले मोदी जी की एकतरफा जीत की बात कर रहे थे, आज इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि भाजपा को कितनी सीटें मिलने वाली है, क्या वो बहुमत का आंकड़ा पार रही है या फिर बहुमत से नीचे जा रही है. इस बदले हुए माहौल का ही असर है कि बीच चुनाव में ममता बनर्जी कह रही हैं कि इंडिया ब्लॉक की सरकार बनती है तो वो उसे बाहर से समर्थन करेंगी।
चार चरणों के बाद देश में जिस तरह की बहस चल रही उससे तो यही लगता है कि आने वाले तीन चरणों में बड़े थ्रिलर होने वाले हैं. दोनों ही गठबंधन अब सीटों की संख्या पर दावे करने लगे हैं. 400 पार पार्ट-2 की शुरुआत हो चुकी है. शुरुआत में मोदी जी ने 400 पार की बात कहनी शुरू की जिसपर विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस ने संविधान बदलने का मुद्दा उठा दिया। कांग्रेस पार्टी, राहुल गाँधी और सम्पूर्ण इंडिया अलायन्स ये बात लोगों को समझाने में कामयाब दिखने लगी कि भाजपा को 400 सीटें इसलिए चाहिए क्योंकि उसे संविधान बदलना है और आरक्षण ख़त्म करना है. भाजपा का 400 पार का नारा बैकफायर करता नज़र आया और यही वजह है कि भाजपा की तरफ से 400 पार का नारा बोलना बंद कर दिया गया और प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह हर चुनावी सभा में लोगों को सफाई देते नज़र आये कि संविधान कभी ख़त्म नहीं होगा और ये कांग्रेस का सिर्फ एक चुनावी प्रोपेगंडा भर है, लेकिन कांग्रेस पार्टी 400 पार को चुनावी बना चुकी थी.
अपनी कामयाबी के बाद कांग्रेस पार्टी और दुसरे इंडिया अलायन्स के दल भाजपा के बैकफुट पर जाने से और आक्रामक होने लगे. जो खड़गे पहले नंबर गेम की बात करने से बचते थे, वो भी खुलकर कहने लगे कि भाजपा स्पष्ट रूप से सरकार नहीं बना रही है, राहुल गाँधी जिन्होंने पहले कहा कि भाजपा को 180 सीटें मिलेंगी वो 150 की बात करने लगे, अखिलेश यादव उनसे भी आगे बढ़ गए और लखनऊ में खड़गे के साथ पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि भाजपा को 140 सीटें जीतने में भी पसीने छूट जायेंगे। जेल से अंतरिम ज़मानत पर बाहर निकलकर केजरीवाल भी हमलावर हो गए और नयी सरकार का खाका भी बताने लगे, ये भी कहने लगे कि वो प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं लेकिन अपनी गारंटियों को सरकार से पूरा करवाएंगे। इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति का एक इंटरव्यू वायरल हुआ जो उन्होंने मशहूर पत्रकार करण थापर, जिन्होंने कभी अपने ही इंटरव्यू में मोदी जी को पानी पीने पर मजबूर कर दिया था और दोस्ती बनी रहने की बात कहकर वो इंटरव्यू बीच में छोड़कर चले गए थे, आज भी हर चुनाव में वो इंटरव्यू दोबारा वायरल होता है. उन्हीने करण थापर के साथ बातचीत करते हुए मोदी सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति पराकला प्रभाकर ने कहा कि भाजपा को 200 के आसपास ही सीटें मिल रही हैं और उसकी सहयोगी पार्टियों को तीस से 35 सीटें मिलेंगी। यानि बहुमत से काफी दूर.
ऐसे में जब लोगों में ये बात जाने लगी कि मोदी जी हार भी सकते हैं तब एक बार फिर 400 पार की बातें की जाने लगीं। अमित शाह बताने लगे कि चार चरणों की 380 सीटों में मोदी जी को 272 सीटें मिल चुकी हैं और अब हम 400 की तरफ जा रहे हैं, प्रधानमंत्री मोदी जी वाराणसी में बताने लगे कि उन्हें इसलिए 400 सीटें चाहिए। अचानक एकबार फिर भाजपा की ओर से 400 पार की बातें बुलंद होने लगीं , ऐसा लगा कि 400 पार का सीक्वेल सामने आया है. मोदी जी अचानक मुस्लिम प्रेम की बातें करने लगे, यहाँ तक कि उन्होंने प्रतिज्ञा कर ली कि वो कभी हिन्दू-मुस्लिम नहीं करेंगे, हालाँकि अगली ही चुनावी सभा में उन्होंने अपने प्रतिज्ञा को तोड़ भी दिया। खैर चुनावी प्रतिज्ञाओं का क्या, वो तो टूटती ही रहती हैं और नई प्रतिज्ञाएं भी ली जाती रहती हैं। चार जून को नतीजे क्या आएंगे कहा नहीं जा सकता लेकिन आज हाल ये है कि भाजपा को समझ में नहीं आ रहा है कि वो अपने किस स्टैण्ड पर टिके, किस मुद्दे पर अटल रहे, किस नारे के साथ आगे बढे, यही वजह कि हर चरण में स्टैण्ड बदल रहे हैं, मुद्दे बदल रहे हैं और नारे भी. देखना ये है 400 पार पार्ट 2 के साथ भाजपा बाकी तीनों चरण पूरे करेगी या फिर इसमें बदलाव होगा।

