पिछले ही दिनों राजस्थान में एक एस्टरॉयड के गिरने के बाद लोगों में दहशत पैदा हो गई थी और इस बीच खबर है कि धरती की तरफ एक बड़ा सा एस्टरॉयड बढ़ रहा है. यह एस्टरॉयड तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसका आकार कुतुब मिनार से चार गुना बड़ा है. यह एस्टेरॉइड 24 जून को धरती के करीब आएगा और यह दिन काफी अहम होने वाला है. दरअसल, यह ग्रह उस दिन धरती से 37 लाख किलोमीटर की दूरी से गुजर सकता है और साइंटिस्ट धरती के 75 लाख किलोमीटर के दायरे से गुजरने वाली किसी भी तेज रफ्तार खगोलीय पिंड को खतरा मानते हैं.
कैसा है यह एस्टरॉयड?
जो एस्टेरॉइड आ रहा है वो नासा के अनुमान के अनुसार, 1017 फीट लंबा और 310 मीटर व्यास वाला है. माना जा रहा है कि 24 जून की दोपहर 12.15 बजे धरती के करीब से गुजरने वाला है. इसका नाम 2010एनवाई65 दिया गया है. यह एस्टेरॉयड 46,500 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. यह एस्टेरॉयड 2013 में रूस में गिरे उल्कापिंड से 15 गुना बड़ा बताया जा रहा है. साथ ही कुतुब मिनार से चार गुना लंबा और लंदन के बिग बेन से तीन गुना लंबा बताया जा रहा है. वैसे 2013 में रूस में गिरे एस्टेरॉयड के कारण 1000 लोग घायल हुए थे और लोगों के घरों को नुकसान पहुंचाया था.
एक महीने में तीसरी घटना
जून महीने में धरती के करीब से एस्टेरॉयड के गुजरने की यह तीसरी घटना होगी. इससे पहले 6 जून और 8 जून को दो एस्टेरॉयड धरती के करीब से गुजरे थे.
क्या होते हैं एस्टेरॉयड?
एस्टेरॉयड दरअसल, सूर्य के इर्दगिर्द चक्कर लगाने वाले छोटे खगोलीय पिंड होते हैं. ये मुख्यत: मंगल और बृहस्पति के बीच मौजूद एस्टेरॉयड बेल्ट में पाए जाते हैं.

