2020: नीट और जेईई जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर खूब रहा विवाद

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2020:  नीट और जेईई जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर खूब रहा विवाद

नई दिल्ली: साल 2020 में नीट और जेईई जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर भी खूब विवाद रहा। इतना ही इन परीक्षाओं के लेकर सरकार के खिलाफ स्टूडेंट्स ने एक आंदोलन भी शुरू कर दिया था। इस साल जेईई की परीक्षा 18 जुलाई से 23 जुलाई के बीच और नीट की परीक्षा का की तारीख 26 जुलाई को तय की गई थी। लेकिन कोरोनावायरस के संक्रमण और लॉकडाउन के बाद ही इन दोनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तरीखों में बदलाव कर दिया था। जिसमें जेईई की परीक्षा 1 से 6 सितंबर के बीच और नीट की परीक्षा 13 सितंबर की रखी गई थीं। वहीं जेईई एडवांस की परीक्षा 27 सितंबर की तय की गई थी। आइये जानते हैं प्रतियोगी

जब इन परीक्षाओं की नई तारीख तय की गई थी। उसके बाद से इन परीक्षाओं को पोस्पोन कराने की मांग उठने लगी थी। इतना ही नहीं यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया था। परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के अनुसार जिस समय कोरोना के कुछ हजार मामले ही आए थे। उस समय परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था। लेकिन जब कोरोनावायरस के मामले 30 लाख तक पहुंच गए हैं। उस समय इन परीक्षाओं को कराया जा रहा है। अभिभावको को कहना था सरकार को इस और विचार करना चाहिए क्योंकि कोरोनावायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

जिसके बाद परीक्षा को स्थगित करने की याचिका को लेकर विद्यार्थी और उनके अभिभावक सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गए थे। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी यह याचिका खारिज कर दी थी।जिसके बाद विद्यार्थियों ने सोशल मीडिया का सहारा लिया था और देखते ही देखते है इस मुद्दे ने एक आंदोलन का रूप ले लिया था। जेईई और नीट परीक्षाओं को आयोजित कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अनुसार यदि इस साल इन दोनों परीक्षाओं को नहीं कराया जाता तो अगले साल के सेलेब्स पर इसका बहुत बड़ा असर पड़ेगा। जिसकी वजह से अगले साल की परीक्षाओं पर अतिरिक्त भार पड़ेगा।

एनटीए के इस बयान के बाद से ही सोशल मीडिया पर #RIPNTA और #SATYAGRAHagainstExamInCovid जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे थे। विद्यार्थियों ने सरकार से इस और ध्यान के लिए कहा था। कुछ परिक्षार्थियों का कहना था कि उनका उन्हें परीक्षा सेंटर पर सुबह 7 बजे रिपोर्ट करना होगा। जबकि उनके यहां से परीक्षा सेंटर 150 से 200 किलोमीटर है और कोरोनावायरस के इस समय में इतना लंबा सफल मास्क पहनकर करना काफी मुश्किल है। इसके अलावा ज्यादा लंबा सफर करने के कारण कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।

जिसके बाद मंत्रालय ने जेईई परीक्षा के सेंटर्स 570 से बढ़ाकर 660 कर दिए हैं, वहीं नीट परीक्षा के सेंटर्स 2846 से बढ़ाकर 3843 कर दिए गए था। जेईई मेन परीक्षा के लिए शिफ्टों को बढ़ाकर 8 से 12 कर दिया था और हर शिफ्ट में 85,000 प्रतिभागी परीक्षा दे सकेंगे और साथ की कोरोना वायरस की गाइडलाइंस को पूरी तरह से फॉलो करने के लिए कहा गया था। विद्यार्थियों को ज्यादा सफर न करना पड़े इसलिए 99 छात्रों को उनका पसंदीदा सेंटर भी दिया गया था।

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