पांच सालों तक परिवार जगह-जगह तलाशता रहा महिला को
अनेक तीर्थस्थानों की यात्रा भी की कृष्णा देवी ने
ऋषिकेश। भारतीय सिनेमा में कुंभ के मेले में बिछुड़े भाई या परिवार की कहानियां आपने जरूर देखी होंगी। कहावत भी है कि कुंभ केेे बिछुड़े, कुंभ में ही मिलते हैं। यह कहावत चरितार्थ होती दिखी जब हरिद्वार में 2016 के अर्धकुंभ मेले में गुम हो गयी एक महिला पांच साल बाद 2021 के कुंभ मेले में परिवार को मिल गयी। इन पांच सालों ने परिवार से बिछुड़ कर ऋषिकेश में रह रही महिला ने हरिद्वार, अयोध्या, मथुरा, वृदावन गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ आदि तीर्थस्थानों की यात्रा भी की।
कुंभ मेला पुलिस द्वारा ऋषिकेश, हरिद्वार क्षेत्र में कुंभ मेले के दौरान बाहर से आये और संदिग्ध लोगों का सत्यापन करने के लिये चलाया जा रहा अभियान पांच साल पहले अपने परिवार से बिछुड़ी महिला के लिये वरदान बन गया। जनवरी 2021 में त्रिवेणी घाट पर पुलिस को कृष्णा देवी पत्नी ज्वाला प्रसाद मिली थी। पूछताछ में उसका पता ग्राम नदे पार, पोस्ट जोगिया उदयपुर, जिला सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश बताया गया। कुंभ मेला पुलिस की सूचना पर सिद्धार्थ नगर पुलिस ने महिला के परिजनों से संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि कृष्णा देवी 2016 के अर्धकुंभ में स्नान करने के लिये हरिद्वार गयीं थीं। उनके वापस न लौटने पर परिवारजनों ने सभी जगहों पर उनकी तलाश की। अखबारों और टीवी चैनलों पर कृष्णा देवी की गुमशुदगी का प्रचार-प्रसार भी कराया गया। इस संबंध में थाना जोगिया उदयपुर जिला सिद्धार्थ नगर में कृष्णा देवी की गुमशुदगी भी दर्ज कराई गयी। थाना सिद्धार्थनगर पुलिस ने जब कृष्णा देवी के पुत्र दिनेशवर पाठक को उनकी माता के सही सलामत ऋषिकेश में निवासरत होने की सूचना दी गई तो खुशी के मारे उनके आंसू झलक आये।
कुंभ मेला थाना ऋषिकेश पहुंच कर परिवार ने महिला को देखा तो सब एक-दूसरे से लिपट कर रोने लगे। इस भावुक पलों को देखकर पुलिसकर्मी भी भावुक हो गये। कृष्णा देवी के परिवार ने नम आंखों से कुंभ मेला पुलिस को धन्यवाद दिया। कृष्णा देवी ने बताया कि परिवार से अलग होने के पांच सालों के दौरान उन्होंने हरिद्वार, अयोध्या, मथुरा, वृदावन गंगोत्री, यमुनोत्री, बदरीनाथ, केदारनाथ आदि तीर्थस्थानों की यात्रा भी की है।

