देहरादून। यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में गिरफ्तार किए सचिवालय के दो अपर निजी सचिव को निलंबित कर दिया गया है। अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन राधा रतूड़ी ने उनके निलंबन के आदेश जारी किए है।
पेपर लीक प्रकरण में एसटीएफ ने गत 10 अगस्त को अपर निजी सचिव गौरव कुमार चौहान को इसके बाद 12 अगस्त को अपर निजी सचिव सूर्य प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों अपर निजी सचिव प्रोबेशन अवधि में चल रहे थे। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने दोनों को इसी आधार पर निलंबित कर दिया। क्योंकि उत्तराखंड सरकारी सेवक ‘अनुशासन एवं अपील’ नियमावली 2003 के संशोधन के नियम 4ः3 के तहत 48 घंटे से अधिक अवधि तक दोनों ही पुलिस अभिरक्षा में रहे हैं। दोनों आरोपी अपर निजी सचिवों को एसटीएफ ने आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 34 के तहत गिरफ्तार किया था। वर्तमान में दोनों आरोपी अपर निजी सचिव जेल के भीतर हैं। वहीं, इन्हें निलंबित करने की लगातार मांग भी उठ रही थी।
नौकरियों के सौदागर हाकम सिंह से एसटीएफ ने पूछताछ की। उसे तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड में लिया है। इसके अलावा शिक्षक तनुज शर्मा को दो दिन की पीसीआर पर सुद्धोवाला जेल से लाकर पूछताछ की गई। दोनों से एसटीएफ नकल करने वाले अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी जुटाई है। आज बुधवार को एसटीएफ दोनों आरोपियों को धामपुर व अन्य जगहों पर लेकर जा रही है। जहां से अहम सुराग एसटीएफ के हाथ लगने की उम्मीद है। पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने अब तक 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें अभी तक सबसे बड़ी गिरफ्तारी उत्तरकाशी जिले के पंचायत सदस्य हाकम सिंह की मानी जा रही है। आशंका है कि उसने सैकड़ों अभ्यर्थियों को नकल की व्यवस्था कराई है। इनमें से कई की तस्दीक एसटीएफ कर चुकी है। पास हुए अभ्यर्थियों में उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत सदस्य और प्रधान भी शामिल हैं। इसी बात को लेकर हाकम सिंह जांच के केंद्र में आया है।

