उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दिल हज़रतगंज में स्थित लेवाना में पिछले हफ्ते हुए अग्निकांड की जांच रिपोर्ट अब आ गयी हैं और उस रिपोर्ट के आधार पर योगी सरकार ने 17 अधिकारियों को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया है. जांच रिपोर्ट में इस अग्निकांड के लिए 6 विभागों के 19 अधिकारियों को कुसूरवार माना गया है. हालाँकि कहा जा रहा है कि इसमें बड़े लोगों को बचा लिया गया है.
जांच रिपोर्ट में सुरक्षा मानकों की जानबूझकर अनदेखी करने और अवैध निर्माण होने देने के लिए अग्निशमन अधिकारियों और लखनऊ विकास प्राधिकरण को लेवाना होटल अग्निकांड के लिए सीधे तौर पर दोषी बताया गया है। रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार ने दोषी लोगों को निलंबित करने का आदेश दिया है। बता दें कि लेवाना होटल में हुई आगज़नी के मामले की जांच पुलिस कमिश्नर लखनऊ एसबी शिरोडकर और कमिशनर लखनऊ रोशन जैकब ने संयुक्त रूप से की.
रिपोर्ट में जिन 19 लोगों को दोषी पाया गया है उनमें से दो रिटायर हो चुके हैं, जबकि 17 लोगों पर कार्रवाई का आदेश जारी हुआ है. दोषी पाए गए अधिकारियों में तत्कालीन आबकारी अधिकारी, सीएफओ, तत्कालीन विहित अधिकारी महेंद्र कुमार मिश्रा समेत कई अफसर शामिल हैं। इसके साथ ही बिजली विभाग के तीन अधिकारियों को भी ससपेंड करने का आदेश दिया गया है।

