लखनऊ- Electricity Rates in 15 Years – उत्तर प्रदेश चुनाव में बिजली इस समय सबसे बड़ा मुद्दा है। लेकिन पिछले 15 साल के आंकड़ों पर नजर डाले तो सभी पार्टियों ने अपनी सरकार के दौरान लगातार बिजली दरें बढ़ाई हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि मौजूदा समय में 300 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा करने वाली समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान लगातार 5 सालों तक बिजली दरें बढ़ी थी। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का दावा है कि 5 सालों के दौरान बिजली दरों में 55 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। उन्होंने पिछले 10 साल का एक आंकड़ा दिया है जिसमें दावा किया गया है कि सबसे ज्यादा महंगी बिजली ग्रामीण उपभोक्ताओं को इस दौरान मिली है। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 300% तक की बढ़ोतरी हुई है।
Read also: उत्तर प्रदेश चुनाव में नीतीश, आर सी पी भी मांगेंगे जदयू के लिए वोट
अवधेश वर्मा का दावा है कि सपा के दौरान 55 फ़ीसदी भारतीय जनता पार्टी के दौरान 28 फ़ीसदी और बसपा के दौरान 25 फ़ीसदी तक बिजली दरें बढ़ाई गई थी। उन्होंने यह मांग की है कि मौजूदा समय जो भी राजनीतिक दल बिजली दर कम करने का वादा कर रहे हैं वह सरकार आने के बाद पहली ही कैबिनेट में इस पर फैसला लें। इससे जनता के बीच में उनका भरोसा बना रहेगा। दरअसल इस चुनाव में सपा ने जहां 300 यूनिट फ्री बिजली देने का वादा किया है वहीं भारतीय जनता पार्टी ने ग्रामीण उपभोक्ताओं को सिंचाई के लिए फ्री बिजली लेने की बात कही है। बीजेपी ने पिछले 1 महीने के दौरान ही खेती के लिए ग्रामीण उपभोक्ताओं की बिजली में 50 % दरें कम की है। उन्होंने बताया कि सपा के अलावा बसपा सरकार में 3 बार और भारतीय जनता पार्टी की सरकार में दो बार बिजली दरें बढ़ी थी। बीजेपी सरकार में बिजली बढ़ाने का प्रस्ताव उसके बाद भी गया था लेकिन कोविड-19 बजह से हुई मंदी के कारण नियामक आयोग ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।
Read also: UP Election 2022: सपा साफ हो चुकी पार्टी है,बसपा भागने वाली है और कांग्रेस जर्जर इमारत: दिनेश शर्मा
साल 2012 की दर साल 2022 में दर बढ़ोत्तरी प्रतिशत
किसान नलकूप 75 प्रति रुपए प्रति हार्स 170 प्रति रुपए हार्स पावर 126
ग्रामीण अनमीटर घरेलू उपभोक्ता 125 रुपए प्रति किलोवॉट 500 रुपए प्रति किलोवॉट 300
ग्रामीण घरेलू एक रुपए प्रति यूनिट (जहां मीटर लगा हो ) 6 रुपए प्रति यूनिट अंतिम स्लैब 500
शहरी घरेलू उपभोक्ता अधिकतम 3.80 रुपए प्रति यूनिट 7 रुपए प्रति यूनिट अन्तिम स्लैब 84
घरेलू उपभोक्ता फिक्स चार्ज 65 रुपए प्रति किलोवॉट 110 रुपए प्रति किलोवॉट 69
घरेलू ग्रामीण फिक्स चार्ज 15 रुपए प्रति किलोवॉट 90 रुपए प्रति किलोवॉट 500

