मेरठ। मेरठ के मोदीपुरम स्थित सरदार वल्लभ पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में शरू हुए तीन दिवसीय किसान मेले के आज दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने इसका उदघाटन किया। किसान मेले में आज दूसरे दिन मेला देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। आज डॉग शो का आयोजन किया गया। जिसमें बीस लाख रुपये के ग्रेंड डेन डॉग, रॉटविलर, जर्मन शेफर्ड, पिट बुल नस्ल के कुत्ते को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। वहीं दस करोड़ के भैंसे को देखने के लिए लोग दूर-दूर से मेले में पहुंच रहे हैं। इस भैंसे की कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
मेले में किसानों को विभिन्न जानकारियां दी जा रही हैं। इसके अलावा किसान मेले में सपेरों की मंडली द्वारा किसानों का स्वागत किया जा रहा है। इस बार का मेला लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। मेले के संयोजक पीके सिंह ने बताया कि इस बार मेले में किसानों की अधिक भीड़ है। कुलपति केके सिंह का कहना है कि इस बार का मेला ऐतिहासिक है।
किसान मेले में अतिथियों के स्वागत के लिए सपेरों को बुलाया गया। हरियाणा से पांच सपेरे यहाँ पहुंचें हैं। नाथ समुदाय के सपेरे राजू ने बताया कि वो इटली में प्रस्तुति दे चुके हैं। उनके ग्रुप में 100 से अधिक सपेरे सदस्य हैं। सपेरों की बीन से इस अनोखे स्वागत से किसान व अतिथि खुश है।
मेले में दस करोड़ का भैंसा आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इसका वज़न पंद्रह सौ किलो है। इसका नाम गोलू है लोग गोलू के साथ सेल्फी खींचकर उसे यादों में रखना चाहते हैं। दस करोड़ का भैंसा सुनकर मेले में आने वाले चकित हैं। पानीपत के हरियाणा से दस करोड़ का भैंसा मेरठ कृषि मेले में पहुंचा है। भैंसे के मालिक नरेंद्र सिंह बताते हैं कि इस भैंसे की कीमत दस करोड़ अभी तक लग चुकी है। भैंसे के खानपान व देखभाल में प्रति महीने 50 हजार रुपये का खर्च आता है। भैंसे से होने वाली आमदनी भी ख़ूब है। ये भैंसा यह रोजाना 25 लीटर दूध, 15 किलो फल, 15 किलो दाना और दस किलो मटर खा जाता है। इसके अलावा ये हरा चारा खाता है। ये रोजाना शाम के समय छह किमी सैर करत है। गोलू के शरीर की हर रोज तेल से मालिश होती है। भैंसे का स्पर्म बेचकर भैंसे के मालिक हर महीने लाखों रुपए की कमाई करते हैं। भैंसे के स्पर्म की मांग हरियाणा के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में हैं।

