कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने आज जब कांग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी पर आरोपों की बौछार करके जब पार्टी से इस्तीफ़ा दिया तो उनके साथ काम करने वाले सहयोगी नेताओं को बहुत बुरा लगा विशेषकर सोनिया गाँधी को लिखे अपने पांच पन्नों के पत्र में आज़ाद ने जो बातें कहीं जिसमें से एक बात यह भी कि उनके कद के हिसाब से कांग्रेस पार्टी में उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा है, आज़ाद की इस बात का जवाब देते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत कि पिछले 40-42 सालों से गुलामनबी आज़ाद और हम साथ साथ काम कर रहे थे और मेरे हिसाब से वह कभी पद से खाली नहीं रहे. कांग्रेस ने उन्हें बहुत कुछ दिया
बता दें कि कांग्रेस सरकारों के दौरान गुलामनबी आज़ाद हमेशा कैबिनेट में शामिल रहे, लगातार राजयसभा के मेंबर रहे, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रहे, संगठन में महासचिव जैसे बड़े पद पर रहे. कह सकते है कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष छोड़कर हर पद की ज़िम्मेदारी दी, लेकिन इतना सब मिलने के बावजूद आज़ाद को लगता है कि कांग्रेस पार्टी ने उनकी उपेक्षा की.
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गहलोत ने कहा कि आज आजाद साहब की देश में जो पहचान है वह कांग्रेस के कारण है. उनकी पहचान इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, नरसिंह राव और सोनिया गांधी ने बनाई है. आज इस्तीफे के समय आज़ाद ने जो आरोप लगाए हैं मुझे उनसे ऐसी कतई उम्मीद नहीं थी.गेहलोत ने कहा कि आज़ाद के इस फैसले से मैं सदमे में हूं. एक ऐसा नेता जो 42 वर्षों तक कभी भी बिना पद के नहीं रहा, वह कांग्रेस पार्टी के लिए इस तरह की बातें कर रहा है. बता दें कि आज़ाद ने अपने पत्र में कहा है कि कांग्रेस पार्टी अब दोबारा नहीं खड़ी हो सकती.

