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सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिये युवा आगे आयें: आनंदीबेन पटेल


सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिये युवा आगे आयें: आनंदीबेन पटेल

लखनऊः समूह में कार्य करना मानव स्वभाव का हिस्सा है। क्योंकि समाज में रहकर मनुष्य एक दूसरे के सहयोग के बिना कार्य नहीं कर सकता है। ये विचार उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जनपद अलीगढ़ के सर्किट हाउस में स्वयं सहायता समूहों तथा हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ के ताले विश्व प्रसिद्ध हैं। प्रदर्शनी के अवलोकन के समय तालों की विभिन्न सुन्दर डिजाइनों को देखकर उन्होंने इसकी प्रशंसा की। राज्यपाल ने कहा कि ‘एक जनपद एक उत्पाद’ के तहत प्रत्येक जनपद के विशिष्ट उत्पाद को राज्य सरकार प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे इस उद्योग में लगी महिलाओं की सुरक्षा के लिये भी उचित उपाय करें।

राज्यपाल ने कहा कि यह समय सामाजिक बदलाव लाने का है। हमें समाज में फैली विभिन्न कुरीतियों को समाप्त करने के लिये प्रयास करना चाहिए। इस कार्य में युवा वर्ग अपना विशिष्ट योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह को रोकना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। प्रदेश सरकार सामूहिक विवाह आयोजन को प्राथमिकता से प्रत्येक जिलों में आयोजित कर रही हैं। हम सभी का दायित्व है कि हम ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लें।

श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं तथा हस्त शिल्पियों से संवाद के दौरान कहा कि बच्चों के कुुपोषण को दूर करने के लिए महिलाएं सशक्त पहल करें, जिससे आने वाली पीढ़ी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहे और पूरे परिवार एवं समाज का विकास हो सके। राज्यपाल ने किसान आन्दोलन पर चर्चा करते हुए कहा कि नये कृषि कानून कृषि एवं किसान हित में हैं। इससे किसानों को आगे बढ़ने, नये प्रयोग करने और अपनी जमीन का अधिकतम सदुपयोग करने का मौका मिलेगा। ये किसानों के लिये बहुत अच्छा अवसर है। राज्यपाल ने कहा कि इसको समझने के लिये महिलाओं को भी खेती के तरीके में समन्वय स्थापित कर एक-दूसरे से संवाद कर अपने कृषि कार्य में कृषि तकनीकी को बढ़ावा देना चाहिए।

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