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Luxury car: महंगी कारों के शौकीन युवा, प्रोफेशनल्स और स्टार्टअप फाउंडर्स बड़े खरीदार

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Luxury car: भारतीय युवा लग्जरी और महंगी कार के दीवाने हो रहे हैं। युवाओं के बीच लग्जरी और महंगी कारों की डिमांड अधिक है। इसके चलते देश में प्रोफेशनल्स और स्टार्टअप फाउंडर्स लग्जरी गाडियों के बड़े खरीदार के रूप में उभरे हैं। मर्सिडीज बेंज इंडिया के MD एवं CEO संतोष अय्यर ने कहा, ‘बॉलीवुड से लेकर स्टार्टअप इंडस्ट्री तक काम करने वाले कई युवा अपनी पहली कार सुपर लग्जरी कार खरीद रहे हैं।’

कम उम्र के युवाओं में महंगी कारों का शौक बढ़ रहा

कम उम्र के युवाओं में महंगी कारों का शौक बढ़ रहा है। इन लोगों की उम्र महज 30-35 साल के बीच है। वे महंगी कारों का मजा लेने में पीछे नहीं रहना चाहते। पहले धनाढ्य परिवार वाले लोग महंगी कारों की सवारी किया करते थे। लेकिन अब इनके खरीदारों में बड़ी तादाद में पेशेवर युवाओं की हैं।

बीएमडब्ल्यू ग्रुप इंडिया अध्यक्ष विक्रम पावाह ने कहा कि पिछले दशक में महंगी कारों का शौक रखने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पुराने अमीर परिवारों के अलावा भारत में एक नए वर्ग का उदय हुआ है। युवा उद्यमी कार बाजार में महंगी कारों की मांग को एक नए मुकाम तक पहुंचा रहे हैं। इनकी खर्च करने योग्य आय पहले से काफी बढ़ी है, जिसका उपयोग वे महंगे उत्पाद एवं सेवाओं पर कर रहे हैं।

कोविड महामारी के बाद लोगों में खुलकर जीवन जीने की चाह बढ़ गई

कोविड महामारी के बाद लोगों में खुलकर जीवन जीने की चाह बढ़ गई है और वे जीवन के हर लम्हा का लुत्फ उठाना चाहते हैं। इसके अलावा महामारी के बाद निजी वाहनों के उपयोग की तरफ लोगों की झुकाव बढ़ा है। बीएमडब्ल्यू(लग्जरी क्लास में) खरीदारों में 59 प्रतिशत लोगों की उम्र 31 से 45 साल के बीच है। लगभग 35 प्रतिशत खरीदारों के पास तो पहले से कंपनी का कोई न कोई मॉडल मौजूद है। प्रीमियम या महंगी श्रेणी में 62 फीसद खरीदारों की उम्र 31 से 45 साल के बीच होती है और लगभग 80 फीसद ग्राहक थोड़ी निचली श्रेणी से महंगी श्रेणी की कारें खरीद रहे हैं।

इनमें कई लोगों की उम्र तो 30 साल के करीब है। अय्यर ने कहा कि बॉलीवुड से लेकर स्टार्टअप उद्योग तक में काम करने वाले कई लोगों ने पहली कार खरीदी तो सुपर लग्जरी कार खरीदी। ये लोग दूसरी पीढ़ी के खरीदार हैं। जिनकी उम्र महज 30 साल या इससे कुछ अधिक है।
मर्सिडीज ग्राहकों में महिला खरीदारों की संख्या 15 फीसद है। जबकि वेतनभोगी कर्मचारियों की संख्या लगभग 15-20 प्रतिशत है।

वेतनभोगी ग्राहकों की संख्या बढ़ती जा रही

वेतनभोगी ग्राहकों की संख्या बढ़ती जा रही है। अय्यर ने कहा है कि पहले कंपनी जगत से ताल्लुक रखने वाले 8-9 फीसद लोग महंगी कारें खरीदते थे। लेकिन इनकी संख्या बढ़कर 14-15 फीसद तक पहुंच गई है। दूसरे ब्रांडों का कुछ ऐसा अनुभव है। ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों ने कहा कि भारत में महंगी कारों की मांग धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने लगी है। अधिक संख्या में युवा खासकर स्टार्टअप इकाइयों के मालिक एवं युवा पेशेवर कम उम्र में इन कारों पर ड्राइव करना चाहते हैं। इन लोगों के पास अपना यह शौक पूरा करने के लिए इच्छा एवं साधन दोनों मौजूद हैं।

ढिल्लों ने बताया कि पिछले दो से तीन साल में दूसरी एवं तीसरी पीढ़ियों के ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद जीवन के हरेक क्षण का आनंद लेने में विश्वास करने लगे हैं। इन सभी कारणों से वेतनभोगी लोगों में महंगी कारें खरीदने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है।

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