- आईआईटी कानपुर के विवेक और पीएचडी स्काॅलर अभिनव भी टीम में
- टॉयकेथान-21 के टॉप 100 ने फाइनल राउंड के लिए चुना गया
मेरठ। आप का बच्चा लूडो खेलता रहता है दिनभर और आप उसे टोकते हैं पर वो आपकी बात को अक्सर अनसुना कर देते हैं तो आपको बता दें कि आपकी यह उलझन बहुत जल्द समाप्त होने वाली है. दरअसल, मेरठ के युवा ने एक ऐसा लूडो का गेम बना दिया है जिसे खेलने से आप अपने बच्चे को रोकना बिल्कुल नहीं चाहेंगे. दरअसल, इस गेम में खास बात यह होगी कि खेल-खेल में आपका बच्चा केमेस्ट्री सीख लेगा. खास बात यह है कि बच्चे खेल-खेल में केमेस्ट्री के कठिन फार्मूले भी याद कर लेंगे.
लूडो के पासे का यूज
लूडो के पासे का यूज भी इस खिलौने में होता है. पासे में एक से छह तक की गिनती लिखी होती है. लेकिन इसमें कहीं ऑक्सीजन तो कहीं सोडियम, कैल्शियम, हाइड्रोजन या गैसों और केमिकल के नाम लिखे हुए हैं. इसमें खेलते ही कठिन से कठिन फॉर्मूले आसानी से याद हो जाएंगे. इसे बनाने वाले नीरज कुमार सिंह ने बताया कि उनके इस खिलौने की सराहना खुद पीएम नरेंद्र मोदी कर चुके हैं. पीएम ने उनसे और आईआईटी कानपुर में विवेक और पीएचडी स्कॉलर अभिनव से खेल-खेल में इस खिलौने को लेकर जानकारी ली. पीएम मोदी ने इसे बनाने वाली हमारी टीम से सीधे बातचीत की और इस इनोवेटिव आइडियो को पूरा करने के लिए बधाई भी दी.
आज आएगा रिजल्ट
नीरज ने बताया कि टॉयकैथॉन-21 में देशभर से 14312 लोगों ने पार्टिसिपेट किया था. फाइनल राउंड में 100 के लगभग लोग अपना स्थान बनाने में कामयाब रहे हैं. उसमें नीरज और उसकी टीम की मेहनत से बने इस खिलौने को भी स्थान मिला है. इसका रिजल्ट शनिवार यानि 26 जून को आना है. 8 साल से अधिक उम्र के बच्चों को केमेस्ट्री सिखाने के लिए यह खिलौना बनाया गया है.

