योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपने विभाग भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर लेटर बम फोड़ा है. दिनेश प्रताप ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में सीधे तौर पर अधिकारियों पर भष्ट्राचार और अनियमितता का आरोप लगाया है. पत्र में दिनेश प्रताप सिंह एक साथ दो निशानों पर तीर साधते हुए लिखा है कि आपकी व्यस्तता का फायदा उठाकर यह अधिकारी पैसा बनाने में लगे है.
बता दें कि दिनेश प्रताप सिंह बागवानी, कृषि विपणन, कृषि व्यापार और कृषि निर्यात विभागों में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री हैं, मंडी परिषद भी उनके ही मंत्रालय के अंतर्गत ही आती है. मंडी परिषद् में फैली अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर दिनेश सिंह ने अधिकारीयों को निशाने पर लिया है, उनके मुताबिक यह अधिकारी बेलगाम हैं और उनकी भी नहीं सुनते। यही वजह कि मंत्री होने के बावजूद उन्होंने पत्र लिखकर इन अधिकारियों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है.
मंत्री के मुताबिक मंडी परिषद् में सब एक दूसरे काम की ख़राब गुणवत्ता का ठीकरा फोड़ते हैं, अधिकारी कहते हैं कि यह ठेकेदार की वजह से हुआ, ठेकेदार अधिकारीयों पर दोषारोपण करते हैं. उन्होंने पत्र में लिखा कि सच्चाई का पता लगाने के लिए मैंने अधिकारियों और ठेकेदारों को भी आमने सामने बिठाया. मंत्री ने अपने पत्र में आगे कहा है कि मंडियों में लगाए गई तुलाचौकी आये दिन काम ही नहीं करती है. तुलाचौकी के पास वैकल्पिक रास्ता भी है और ज़्यादातर वाहन मंडियों में उसी रास्ते से जाते हैं ताकि तौल रिकॉर्ड न हो और यह सब विभाग के अधिकारीयों की मिली भगत से हो रहा है. दिनेश प्रताप के पत्र में आगे बताया कि मंडियों में लगे CCTV कैमरे भी काम नहीं कर रहे हैं, मंडी समितियां व्यापारियों से चेक में भुगतान स्वीकार कर रही हैं जो अक्सर बाउंस हो जाते हैं और उनकी बकाया वसूली भी नहीं की जाती है.
