Site icon Buziness Bytes Hindi

महंत जी की संदिग्ध मौत के तथ्य छिपाने में जुटी योगी सरकारः लल्लू


महंत जी की संदिग्ध मौत के तथ्य छिपाने में जुटी योगी सरकारः लल्लू

लखनऊअखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी जी की संदिग्ध हालत में हुई मौत की जाँच सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच की निगरानी में सीबीआई से कराने की माँग कांग्रेस पार्टी ने की है। आज प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य व पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने सयुंक्त रूप से घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि खुद को योगी कहने वाले सीएम के राज में अब तक 21 संतों की हत्या या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि योगी आदित्यनाथ के शासन में उत्तर प्रदेश हत्या व जघन्यतम अपराधों का प्रदेश बन चुका है।

Read also: भूमाफियाओं का साथ दे रही योगी सरकार : अजय कुमार लल्लू


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने सवाल उठाया कि बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट आये पुलिस ने इसे आत्महत्या क्यों, कैसे और किसके दबाव में करार दिया। उंन्होने कहा कि वायरल हो रहे एक वीडियो को भी जांच का हिस्सा बनाया जाए। महंत जी से घटना के एक दिन पूर्व मिलने वाले उपमुख्यमंत्री से क्या बात हुई यह भी जांच का विषय होना चाहिए। अगर उन्होंने आत्महत्या की तो फिर ऐसी क्या विवशता थी। मठ की हजारों करोड़ की सम्पत्ति पर कौन लोग गिद्ध दृष्टि लगाए थे बैठे थे, यह पता लगना चाहिए। एक अधिकारी और दो नेताओ के नाम भी घटना में आ रहे हैं जिसकी जांच होनी चाहिये। उंन्होने इस घटना की निष्पक्षता से सीबीआई जाँछ माननीय उच्चतम या उच्च न्यायालय की डिविजनल बेंच की निगरानी में कराने की मांग की।

Read also: राम मन्दिर निर्माण में घोटालों के खिलाफ पूरे प्रदेश में कांग्रेस करेगी प्रदर्शन:अजय कुमार लल्लू

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि योगी राज दुशासन राज में तब्दील हो गया है, यहां वाई श्रेणी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति भी सुरक्षित नही रह गये। उंन्होने सवाल उठाया कि महंत जी के कमरे का दरवाजा खोलकर उनका शव किसके कहने पर पुलिस के आने से पहले ही उतारा गया? योगी के शासन में किसी की जान सुरक्षित नही है। यह आम चर्चा है कि महंत जी हस्ताक्षर करने में असमर्थ थे, फिर 7 पृष्ठों का सुसाइड नोट किसने लिखा? मठ की संपत्ति हड़पने का उच्चस्तर पर षड्यंत्र किसने किया? यदि सुसाइड नोट को ही सच मान लिया जाए तो उसमें तीन व्यक्तियों का नाम है, पर किसके इशारे एफआईआर में एक व्यक्ति को ही नामजद किया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह हाथरस की घटना को योगी शासन ने मिथ्या करार देने के लिये अनेक हथकंडे आजमाए, उसी तरह इस घटना को योगी सरकार आत्महत्या बताने पर तुली हुई है।

Exit mobile version