उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने नयी कार्यकाल का पहला बजट पेश किया है जो प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट कहा जा रहा है, प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा पेश किये गए 6 लाख करोड़ से भी ज़्यादा के बजट में सबको कुछ करने का प्रयास किया गया है। इसमें युवाओं, किसानों और महिलाओं सबके लिए कुछ न कुछ है।
Also Read : UP Vidhan Sabha Budget Session : सदन में भिड़े अखिलेश और केशव प्रसाद, बाप दादा तक पहुंची बात
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना लाल रंग के कपडे में टैबलेट लेकर मुख्यमंत्री के साथ सदन में दाखिल हुए। बजट पेश करने से पहले अपने शुरूआती सम्बोधन में उन्होंने कहा कि 37 साल बाद ऐसा हुआ है कि किसी सरकार ने रिपीट किया है। इसलिए जान आकांक्षाएं भी बहुत बढ़ गयी हैं और यह बजट जनता की उन्हीं उम्मीदों की नुमाइंदगी करता है। 6.10 लाख के इस बजट में कानपुर मेट्रो रेल को 747 करोड़, आगरा मेट्रो रेल को 597 करोड़ का बजट, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर को 1306 करोड़, और बनारस व गोरखपुर में मेट्रो शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा बुंदेलखंड में ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर, कल्याण सिंह के नाम पर ग्राम उन्नति योजना के साथ ही अयोध्या में सूर्यकुंड विकास के लिए 140 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।
बजट में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना अन्तर्गत 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्य मंत्री लघु सिंचाई योजना हेतु 1000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है और कृषकों को सिंचाई हेतु डीजल विद्युत के स्थान पर वैकल्पिक ऊर्जा प्रबंधन के लिए 15,000 सोलर पम्पों की स्थापना कराई जाएगी। योगी सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 1960 और गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।
खबर अपडेट हो रही है

