प्रयागराज। पिछले 44 सालों से आतंक और डर का पर्याय बने अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद प्रयागराज में सन्नाटा पसरा है। कुछ ही देर में दोनों को ही प्रयागराज के कसारी-मसारी के कब्रिस्तान में दफन किया जाएगा। माफिया अतीक अहमद और अशरफ की पुलिस रिमांड में बदमाशों ने गोली मारकर शनिवार की रात हत्या कर दी थी।
इस हत्या के बाद प्रयागराज से लखनऊ और लखनऊ से दिल्ली तक हड़कंप मच गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्यायिक जांच की बात कही थी। रविवार को सरकार के निर्देश पर गृह विभाग द्वारा कमीशन ऑफ इनक्वायरी एक्ट 1952 के तहत प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या से सम्बंधित सम्पूर्ण घटनाक्रम की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित किया है।
तीन बदमाशों ने गोली मारकर की थी हत्या
अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के मेडिकल चेकअप के लिए प्रयागराज पुलिस शनिवार की रात प्रयागराज के शाहगंज थानाक्षेत्र के कॉल्विन हॉस्पिटल पहुंची थी। यहां मीडिया कर्मियों के रूप में घात लगाए तीन बदमाशों ने मीडिया बाइट के दौरान ही अतीक और अशरफ पर बर्स्ट फायरिंग कर उन्हें मौत की नींद सुला दिया। अतीक की हत्या के बाद हत्यारों ने मौके पर ही सरेंडर कर दिया, जिनसे कल रात से ही पुलिस पूछताछ कर रही है।
