राजधानी लखनऊ में आज समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर बरसों से लगी चुनाव प्रचार सामग्री बेचने वालों की दुकानों पर योगी सरकार का बुलडोज़र चल गया है, इन दुकानों पर राजनीतिक पार्टियों से जुड़े झंडे बैनर और दूसरी प्रचार सामग्री मिलती थी, सपा कार्यालय के बार ये दुकाने होने से स्वाभाविक तौर पर सपा से जुडी सामग्री ज़्यादा होती थी और वही बिकती थी. योगी सरकार की इस बोलडोज़र कार्रवाई पर अब सियासत तेज़ हो गयी है, समाजवादी पार्टी इस बुलडोज़र कार्रवाई को लेकर हमलावर है, वहीँ नगर निगम के मुताबिक उसने कई बार इन दुकानदारों को दुकाने हटाने की नोटिस दी थी.
वहीँ योगी सरकार की इस बुलडोज़र कार्रवाई का विरोध करते हुए एक महिला दुकानदार ने अपना सिर मुंडवा लिया. आयुषी श्रीवास्तव नामकी इस महिला ने कहा कि मेरे साथी दुकानदार सीधे हैं वो इस अन्याय को सह गए लेकिन हम तो आवाज़ा ज़रूर उठाएंगे. महिला दूकानदार ने किसी सोनम किन्नर पर इस कार्रवाई का आरोप लगाया, आयुषी का खाना है कि उसी के कहने पर यह सब हुआ है जबकि उसका खुद का मकान अवैध है. महिला ने कहा कि वह अपने सिर पर बाल तब तक नहीं आने देगी जबतक उसे इन्साफ नहीं मिल जाता।
उधर सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चाँद ने इस बुलडोज़र कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि लोकतंत्र कहाँ है. फखरुल अपनी फेसबुक वाल पर आगे लिखते हैं कि जुलाई 2012 में कुछ सनकी लोगो ने आदरणीय मायावती जी की मूर्ति को तोड़ दी थी जैसे ही तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी की जानकारी में मामला है तुरंत अधिकारियों और बसपा के लोगो से पूछा कि क्या कोई दूसरी मूर्ति कही रखी है पता चला कि नाट्य कला केंद्र में एक मूर्ति रखी है, अधिकारियों को तुरत आदेश दिया कि मूर्ति को लगाया जाये। मूर्ति घंटो में बदल दी जाती है बसपा अध्यक्ष आभार व्यक्त करती है,लेकिन आज भाजपा की राजनीति में पार्टी ऑफिस के बाहर गरीबो की दुकानों पे बुलडोज़र चल रहा है और पार्टी के बाहर बैनर पोस्टर नही लगा सकते है।
