Site icon Buziness Bytes Hindi

Yogi Adityanath Cabinet: योगी के मंत्रिमंडल से मोदी की राह को आसान करने की कवायद


Yogi Adityanath Cabinet: योगी के मंत्रिमंडल से मोदी की राह को आसान करने की कवायद

लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath ) के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने इतिहास रचते हुए लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार का गठन कर लिया है। शुक्रवार को अटल बिहारी बाजपेई इकाना स्टेडियम में सीएम योगी के साथ 52 मंत्रियों ने शपथ ली। जिसमें मुख्यमंत्री, दो उपमुख्यमंत्री, 16 कैबिनेट मंत्री, 14 स्वतंत्र प्रभार और 20 राज्यमंत्री शामिल हैं। तमाम कवायदों और अटकलों को एक बार फिर धता बताते हुए योगी के इस कैबिनेट में कई चौंकाने वाले नाम शामिल किये गये हैं तो वहीं कई ऐसे नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया है, जिनको लेकर उठापटक की स्थिति बनी हुई थी। योगी की दूसरी पारी से ऊर्जा मंत्री रहे श्रीकांत शर्मा को बाहर कर दिया गया है तो वहीं कायस्थ समाज और लाल बहादुर शास्त्री के परिवार से आने वाले डॉ. सिद्धार्थनाथ सिंह को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

इसके अलावा लालजी टंडन के बेटे और नगर विकास मंत्री रहे आशुतोष टंडन और स्वास्थ्य मंत्री रहे जय प्रताप सिंह को भी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। लेकिन, इस बार की योगी सरकार की कैबिनेट में सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों का पूरा ध्यान रखा गया है। जिससे कि 2024 की लड़ाई को और आसान बनाया जा सके। सबसे ज्यादा पिछड़े, दलित और ब्राह्मण समाज को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।

Read also: बिहार में केला अवशेषों के प्रबंधन पर शोध केला किसानों के लिए बना उपयोगी

दलितों को लुभाने की कोशिश

2022 के विधानसभा चुनाव (Assembly elections) में भाजपा ने बसपा के कोर वोट बैंक में करारी सेंध लगाई है। इसको और मजबूती से अमलीजामा पहनाने के लिए भाजपा ने इस बार मंत्रिमंडल में आठ दलितों को शामिल किया है। जिसमें बेबी रानी मौर्य को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है तो वहीं असीम अरूण को स्वतंत्र प्रभार मिला है। इसके अलावा रमापति शास्त्री को प्रोटेम स्पीकर बना दिया गया है। भाजपा की कोशिश है कि इस मंत्रिमंडल के जरिये दलितों को बड़ी मात्रा में जोड़ा जा सके।

ये है मंत्रिमंडल में सभी समाज की स्थिति

योगी सरकार (Yogi Government) की दूसरी पारी में 05 जाट, 02 यादव और 02 भूमिहारों को भी मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा 08 ब्राह्मण, 06 राजपूत समाज के लोगों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। जाटों को मंत्रिमंडल में शामिल कर भाजपा पश्चिमी यूपी में हुए नुकसान की भरपाई करना चाहती है। विधानसभा चुनाव में भाजपा को जाटलैंड में उम्मीद के अनुरूप सीटें नहीं मिली थीं। यही कारण है कि उनकी भी नाराजगी को दूर करने की कोशिश की गई है।

Read also: योगी ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, केशव, ब्रजेश पाठक बने उपमुख्यमंत्री

कैबिनेट में ये हैं चेहरे और उनकी जाति

केशव प्रसाद मौर्य – उपमुख्यमंत्री- ओबीसी
ब्रजेश पाठक – उपमुख्यमंत्री- ब्राह्मण
स्वतंत्र देव सिंह – मंत्री- कुर्मी (पिछड़ा)
बेबी रानी मौर्य – मंत्री- दलित
लक्ष्मी नारायण चौधरी – मंत्री—जाट
जय वीर सिंह – मंत्री—राजपूत
धर्मपाल सिंह – मंत्री—लोध
नंद गोपाल नंदी – मंत्री—बनिया
भूपेन्द्र सिंह चौधरी – मंत्री—जाट
अनिल राजभर – मंत्री- राजभर
जितिन प्रसाद – मंत्री – ब्राह्मण
राकेश सचान – मंत्री- कुर्मी
अरविंद कुमार शर्मा – मंत्री- भूमिहार ब्राह्मण
योगेंद्र उपाध्याय – मंत्री- ब्राह्मण
आशीष पटेल – मंत्री- कुर्मी (पिछड़ा)
संजय निषाद – मंत्री – निषाद

Exit mobile version