खिलाड़ी, सिलेक्टर और कोच की त्रिमूर्ति थे यशपाल

फीचर्डखिलाड़ी, सिलेक्टर और कोच की त्रिमूर्ति थे यशपाल

Date:


खिलाड़ी, सिलेक्टर और कोच की त्रिमूर्ति थे यशपाल

1983 विश्वकप विजेता टीम के सदस्य ने ग्रीनपार्क में खेले तीन टेस्ट
धोनी, श्रीसंत समेत कई युवा खिलाड़ी को भारतीय टीम में लाने का श्रेय
यूपीसीए में कोच के रूप में भी छोड़ी अपनी विशेष पहचान

कानपुर। एक महान खिलाड़ी, पारदर्शी चयनकर्ता के साथ कुशल प्रशिक्षक और बेबाक कमेंट्रेटर ने आज इस दुनिया को अलविदा कह दिया। 1983 विश्व कप विजेता टीम के खिलाड़ी यशपाल शर्मा का आज सुबह ह्दय गति रुकने से निधन हो गया। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के पूर्व कोच के निधन की खबर मिलते ही शोक की लहर दौड़ पड़ी।

उनके साथ काम करने वाले सदस्यों व खिलाडिय़ों ने अपनी संवेदानाएं प्रकट की। कानपुर में यशपाल शर्मा ने काफी समय बिताया। यशपाल शर्मा ने बतौर खिलाड़ी ग्रीनपार्क में तीन टेस्ट मैच खेले। जिसमें पहला अक्टूबर 1979 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फिर दिसंबर 1979 में पाकिस्तान तथा आखिरी जनवरी 1982 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। हालांकि ग्रीनपार्क में उन्होंने एक अद्र्धशतक समेत कुल ७१ रन ही बनाए लेकिन उसके बाद वर्ष १९९७-९८ में एक कोच के तौर पर जरूर उत्तर प्रदेश के क्रिकेट को नया स्वरूप देने का काम किया।

यशपाल की ही खोज थे श्रीसंत
वर्ष २०११ में शहर में हुए कानपुर साउथ प्रीमियर लीग (केएसपीएल) टूर्नामेंट में यशपाल आखिरी बार शहर आए थे। उन दिनों बतौर मुख्य अतिथि आए यशपाल से हुई बातचीत में उन्होंने अपने कई यादगार पलों को साझा किया था। विश्वकप में मिली जीत के बारे में उनका कहना था कि यह पूरी टीम की मेहनत और बेहतर प्लानिंग का ही नतीजा था जिससे वेस्टइंडीज समेत सभी टीमों का तिलिस्म तोडक़र भारत चैम्पियन बना था। उन्होंने उस दौरान सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में भारतीय टीम की प्लानिंग को भी शेयर किया था। इसके अलावा उन्होंने एस श्रीसंत की खोज को लेकर भी अपना किस्सा शेयर किया। इस महान क्रिकेटर ने बताया कि उस समय केरल में एक तेज गेंदबाज को जज करने के लिये उनसे कहा गया था। वह वहां जिस गेंदबाज को परखने गये थे उन्हें उसका प्रदर्शन इतना दमदार नहीं लगा जबकि वहां दूसरे छोर से एक युवा गेंदबाज पर नजर पड़ी जो लगातार अपनी गेंदों से मेरा मन जीत रहा था। वहां से वापस लौटकर मैंने सिलेक्शन पैनेल को उस गेंदबाज को रखने के लिये कहा और यहीं से देश को एस श्रीसंत के रूप में नया गेंदबाज मिला। उसके बाद ग्रेग चैपल ने श्रीसंत को टीम का मुख्य गेंदबाज बनाने का भी काम किया।

क्रिकेट के लिये हमेशा तैयार रहते थे : डा. संजय कपूर
केसीए चेयरमैन डा. संजय कपूर ने बताया कि यशपाल भाई से कई बार मुलाकात हुई। वह क्रिकेट के लिये हमेशा तैयार रहते थे। केएसपीएल में भी आने के लिये उनसे जब कहा तो वह तुरन्त तैयार हो गये। उनका कहना था कि कानपुर मेरे घर जैसा है। यहां जब भी क्रिकेट के लिये मुझे बुलाया जायेगा मैं हमेशा तैयार रहूंगा।

यशपाल भाई के साथ बिताया समय अभी भी याद है : गोपाल शर्मा

शहर के अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेटर गोपाल शर्मा ने कहा कि मुझे यकीन ही नहीं हो रहा है कि यशपाल भाई अब इस दुनिया में नहीं है। क्रिकेट जगत में उनके साथ काफी लंबा समय बीता है। बैंक में भी हम लोगों ने एक साथ काम किया है। जब धोनी का चयन टीम इंडिया में होना था तो हम दोनों ने ही मिलकर किया था। वह मेहनती खिलाडिय़ों को पहले प्राथमिकता देते थे। खेल के लिए हमेशा समर्पित रहते थे।

उनके माग्रदर्शन में खेलकर काफी सीखने को मिला: उबैद कमाल

यशपाल शर्मा जब कोच थे उस समय टीम के तेज गेंदबाज व वर्तमान में प्रदेश टीम के चनयकर्ता व तेज गेंदबाज उबैद कमाल ने कहा कि उनके निधन से काफी आघात पहुंचा। वह अपने बेबाक अंदाज व पारदर्शिता के लिये जाने जाते थे। विश्व विजेता टीम के खिलाड़ी होने के कारण उनकी मैच के प्रति रणनीति काफी कारगर थी। उन्होंने अपने समय युवा खिलाडिय़ों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। इस जीवट खिलाड़ी की प्लानिंग कमाल की थी। १९८३ विश्व विजेता टीम के पहले सदस्य का आज दुनिया से जाना काफी आघात पहुंचाना वाला रहा।

शशि को याद आये शीशमहल के दिन
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कोच शशिकांत खांडेकर ने यशपाल के साथ शीशमहल ट्रॉफी के दिनों को याद किया. उन्होंने बताया की कैसे वो अपने काम को बैलेंस करते थे.

कपिल पांडेय ने दी श्रधांजलि
कुलदीप यादव के कोच और पूर्व रणजी क्रिकेटर कपिलदेव पांडेय ने यशपाल शर्मा को ई श्रधांजलि दी. उन्होंने बताया कि कैसे यशपाल जी से उन्हें सीखने का मौका मिला.

नरेंद्र सिंह की आंखें नम
पूर्व रणजी क्रिकेटेर और अब कोच नरेंद्र सिंह ने भी यशपाल को याद किया. उन्होंने कहा कि वो बहुत बड़े खिलाड़ी थे और उनके जैसे खिलाड़ियों को खेलते देखकर ही न जाने कितने खिलाड़ी इस फील्ड में आये हैं.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सोशल मीडिया से आतंक की साजिश तक! कासगंज में ATS का शिकंजा, 18 वर्षीय युवक गिरफ्तार

जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध आतंकी के संपर्क में होने...

क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के ‘मासूम’ चेहरे पर फिदा हुए शेखर कपूर

डायरेक्टर ने जताई उन्हें अपनी फिल्म में कास्ट करने...

रियल लाइफ कैरेक्टर निभाने के लिए सिर्फ स्क्रिप्ट काफी नहीं – रणदीप हुड्डा

रणदीप हुड्डा इन दिनों अपनी वेब सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश...

यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को जून में लगेगा करंट, 10% तक बढ़ेगा बिल का भार

मार्च की महंगी बिजली खरीद की कीमत अब चुकाएंगे...