कोरोेना के खौफ से बेखौफ हुए लोग
सड़कों से लेकर बाजारों तक में भीड़
अमित बिश्नोई
दो माह पहले तक कोरोेना से डरे हुए लोगों के मन से संक्रमण का खौफ समाप्त हो चला है। सडकों सेे लेकर बाजारों तक में बेतहाशा भीड़ देखकर लगता ही नहीं कि कोरोना का खतरा अभी मौजूद है। सुप्रीम कोर्ट भी लोेगों की लापरवाही को लेकर कोरोना के फिर से लौटने की संभावना को लेकर चिंता जता चुकी है। लेकिन यही हालात रहे तो अनलाॅक को फिर से लाॅकडाउन में बदलने हुए देर नहीं लगेगी। क्योंकि छूट सरकार ने दी है कोरोना ने नहीं।
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण कम होने के साथ लाॅकडाउन की बंदिशें समाप्त होेने लगी। यूपी में आगामी सोमवार यानी 21 जून से रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू रात्रि 9 बजे से अगले दिन सुबह 7 बजे तक प्रभावी होगा। कोविड प्रोटोकाॅल के साथ रेस्टोरेंट को 50 फीसद क्षमता के साथ खोला जा सकेगा। पार्क, स्ट्रीट फूड आदि के संचालन की अनुमति भी दी जाएगी। जाहिर है कि लोगों की आवाजाही सड़कों-बाजारों में बढ़ेगी। मगर इसके साथ ही कोरोना संक्रमण फिर से फैलने का खतरा भी बढ़ जायेगा।
कोरोना की पहली लहर के बाद लोगों ने लापरवाही दिखाई और सड़कों-बाजारों में बेतहाशा भीड़ उमड़ पड़ी। मास्क पहनना या सामाजिक दूरी का ध्यान रखना लोग भूल गये। नतीजा कोरोना की दूसरी और भयावह लहर के रूप में हमारे सामने आया जिसका दंश हमें अंदर तक झझकोर गया। लेकिन इन विषम परिस्थितियों से गुजरने केे बावजूद हमने कोई सबक नहीं लिया। प्रदेश में कोरोेना संक्रमण कम होने के साथ लोग कोरोना के खौफ से बेखौफ हो गये हैं। सड़कों पर जाम लग रहे हैं तो बाजारों में पैर रखने की जगह तक नहीं मिल रही है। ऐसे में सामाजिक दूरी का ध्यान रखने की बात कहना भी बेमानी है। मास्क पहनने की ओर भी लोग अब ध्यान नहीं दे रहे हैं।
अगर लोगों की यही लापरवाही जारी रही तो अनलाॅक में मिली छूट खत्म होेने और फिर से लाॅकडाउन लगने में देर नहीं लगेगी। वहीं कोरोना की तीसरी लहर भी जल्द और भयावह रूप लेकर सामने आने की आशंका भी बढ़ रही है। कोरोेना से खुद को और अपने परिवार को बचाना है तो अभी सावधानियां बरतनी होगी। क्योंकि बंदिशों से छूट सरकार ने दी है कोरोना ने नहीं। बहरूपिया कोरोना कब नया रूप लेकर हमारे सामने आ जाये इससे डरने और सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि हमारी सावधानी ही कोरोेना से हमको बचा सकती है।

