यदि दुकान अथवा व्यवसाय-स्थल पर मन नहीं लगता है तो इसके लिए जिस स्थान पर बैठते हैं। वहाँ थोडा-सा कपूर जलायें, अपनी पसंद के पुष्प रखें और स्वस्तिक या ॐ कार को बिना पलक झपके देखते हुए कम-से-कम 5 से 7 ॐकार का दीर्घ उच्चारण करें। अपने पीछे दीवार पर ऊपर ऐसा चित्र लगायें जिसमें प्राकृतिक सौंदर्य हो, ऊँचे-ऊँचे पहाड़ हो। लेकिन उस पहाड में नुकीली चोटी नहीं हो और उस चित्र में जल नहीं होना चाहिए। अथवा यथायोग्य किसी स्थान पर आत्मज्ञानी महापुरुषों, देवी-देवताओं के चित्र लगायें। इससे आपका मन लगने लगेगा। अभी पितृ पक्ष चल रहा है। अपने घर के लोग जो मृत्यु को प्राप्त हो गए हैं। उनकी आत्मा को शांति देने के लिए इतना जरूर करें कि अब सर्व पितृ अमावस्या आयेगी।
जो कि आगामी रविवार 25 सितम्बर 2022 रविवार को है। उस दिन गीता का सात अध्याय का पाठ करें। सूर्य भगवान के सामने जल और अन्न ले जाकर प्रार्थना करें कि हे सूर्यदेव, यमराज आपके पुत्र हैं। हमारे घर के जो लोग मृत्यु को प्राप्त हो गए हैं। उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। आज के गीता के पाठ का पुण्य उनके लिए दीजिये। पितृ गण राजी होंगे, घर में अच्छी संतान जन्म लेगी और व्यापार में भी खूब तरक्की के साथ लक्ष्मी का आगमन होगा। यह सर्व पितृ अमावस्या के दिन जरूर करें।
