नई दिल्ली।भारत की सीनियर तेज गेंदबाज शिखा पांडे महिला क्रिकेट को अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए छोटी गेंद और छोटी पिच जैसे सुझावों को ‘अनावश्यक’ मानती हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से अपील की कि अधिक दर्शकों को आकर्षित करने के लिए नियमों से ‘छेड़छाड़ नहीं’ करें।
वेबिनार में दिए सुझाव
झूलन गोस्वामी के बाद नई गेंद की भारत की सबसे अच्छी गेंदबाजों में से एक शिखा ने न्यूजीलैंड की कप्तान सोफी डिवाइन और भारत की उभरती हुई खिलाड़ी जेमिमा रॉड्रिग्ज की मौजूदगी वाले आईसीसी के हाल के वेबिनार के संदर्भ में कई ट्वीट किए. इसी वेबिनार के दौरान कई तरह के सुझाव सामने आए थे.
भारतीय वायुसेना की अधिकारी 31 साल की शिखा ने लिखा, ‘महिला क्रिकेट की प्रगति/इसे अधिक लोकप्रिय बनाने के लिए विभिन्न कई तरह के सुझावों के बारे में पढ़/सुन रही हूं. मेरा निजी तौर पर मानना है कि अधिकांश सुझाव अनावश्यक हैं.’
100 मीटर फर्राटा से समझाया
भारत की ओर से 104 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 113 विकेट चटकाने वाली शिखा ने हल्की गेंद और 20 गज की पिच की तुलना 100 मीटर फर्राटा दौड़ से करके चीजों को समझाया. उन्होंने लिखा, ‘ओलंपिक 100 मीटर फर्राटा महिला धाविका पहले स्थान का पदक हासिल करने और पुरुष समकक्षों के बराबर समय निकालने के लिए 80 मीटर नहीं दौड़तीं इसलिए किसी भी कारण से पिच की लंबाई कम करना संदेहास्पद लगता है. साथ ही इससे एक साथ दो मुकाबलों का आयोजन भी नहीं हो पाएगा.’
खेल में होंगे सुधार
शिखा बाउंड्री छोटी करने के पक्ष में भी नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘कृपया करके सीमा रेखा छोटी मत कीजिए. हाल के समय में अपनी पावर हिटिंग से हमने आपको हैरान किया है, यह सिर्फ शुरुआत है, हम बेहतर होंगे. धैर्य रखिए. हम सभी कुशल खिलाड़ी हैं जो सुधार कर रही हैं.’
नहीं हो तुलना
उन्होंने कहा, ‘‘खेल की अच्छी तरह से मार्केटिंग करके प्रगति की जा सकती है. दर्शकों को आकर्षिक करने के लिए नियमों में बदलाव की जरूरत नहीं है.’ शिखा ने कहा, ‘डीआरएस, स्निको, हॉटस्पॉट, अन्य तकनीकी चीजों का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाए और दुनिया भर में कहीं पर भी खेले जाने वाले मैच का सीधा प्रसारण क्यों नहीं हो.’’ शिखा ने साथ ही कहा कि महिला और पुरुष क्रिकेट की तुलना नहीं की जानी चाहिए क्योंकि दोनों अलग हैं.

