कानून और चालान से बेखौफ लोग भी सर्दी के चलते घरों में दुबके
देश भर में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में आने लगी है कमी
सुनील शर्मा
भारत में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार द्वारा चलाए गए तमाम अभियान और कानूनी कार्रवाई भी जो काम न कर पाई, वह काम सर्दी ने करा दिया। जी हां, इन दिनों पड़ रही कड़कड़ाती सर्दी ने लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए मजबूर कर दिया है। वहीं सर्द हवाओं के चलते लोग पर चेहरे पर कपड़ा बांधकर या मुंह को माॅस्क से ढक कर घरों से निकल निकल रहे हैं।जिसके चलते देश भर में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कमी आई है।
देश में कोरोना संक्रमण शुरू होते ही सरकार ने लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और मास्क पहनकर ही घर से निकलने के निर्देश जारी किए थे। इन कोविड-19 गाइडलाइन का पालन कराने के लिए सरकार ने सख्त कदम भी उठाए। बिना माॅस्क पहने घर से निकलने वालों का चालान किए गए। वही सार्वजनिक समारोह में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने पर कार्रवाई भी की गई। इसके बावजूद लोगों ने मास्क पहनने या सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने से परहेज किया। जिसके चलते कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता रहा।

माना जा रहा था कि सर्दी में कोरोना संक्रमण की रफ्तार और तेज होगी। मगर जो काम सरकार द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान, बनाए गए नियम और कड़ी कार्रवाई ना कर पाए उसे सर्दी ने मुमकिन करा दिया। हाल के दिनों में सर्दी ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। ऐसे में कोरोना काल में बेखौफ होकर सड़कों पर घूम रहे लोग भी अब बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं।

वही सर्द हवाओं ने लोगों को मास्क पहनने या कपड़े से चेहरा ढकने पर मजबूर कर दिया है। शाम ढलते ही सड़कों पर अघोषित कफ्र्यूू जैसी स्थिति बन रही है और लोग अपने घरों में कैद हो जाते हैं। इन हालातों में लोगों के बीच सामाजिक दूरी स्वयं ही बन रही है और मुंह ढके होने के कारण संक्रमण का खतरा भी कम हो रहा है।
सर्दी बढ़ने के साथ ही देश भर में कोरोना के मामलों में कमी आयी है। देश में बीते 24 घंटे में 5 महीने के सबसे कम केस सामने आए हैं। वहीं कोरोना के खौफ में चल रहे उत्तर प्रदेश में मेरठ में भी सोमवार को मात्र 58 नये कोरोना संक्रमित ही मिले हैं। गौैरतलब है कि मेरठ में कोरोना तेजी से बढ़ रहा था और हर दिन सैंकड़ो मरीज सामने आ रहे थे।
रफ्तार थमी, मगर लापरवाही होगी जानलेवा साबित
भले ही कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आयी हो लेकिन जरा सी लापरवाही इस महामारी को जानलेवा बना सकती है। स्वास्थय विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और मास्क पहनना, सेनेटाइजर का प्रयोग करना जारी रखना होगा। क्योंकि जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं।

