बिहार में नितीश सरकार के लिए आज क़यामत की रात है, कल नितीश कुमार को 9वीं बार विश्वास मत हासिल करना है. वैसे तो संख्या बल उनके पक्ष में है फिर भी बिहार में क्या हो जाय कुछ कहा नहीं जा सकता विशेषकर तब जब जेडीयू की लगातार दो बैठकों से उनके कुछ विधायक गैरमौजूद रहे हों. नितीश सरकार में मंत्री श्रवण कुमार के घर पर पिछली बैठक में भी कई जदयू विधायक गायब थे जिसपर नितीश कुमार आग बबूला हो गए थे और आज एकबार फिर पांच विधायक बैठक में नहीं पहुंचे हैं।
जानकारी के मुताबिक ये विधायक हैं बीमा भारती, सुदर्शन, दिलीप राय, रिंकू सिंह और डॉ संजीव। डॉ संजीव के बारे में कहा जा रहा है कि वो पटना से बाहर हैं और उनकी नितीश कुमार से बात हो चुकी है लेकिन बाकी चार विधायकों के बारे में कोई जानकारी नहीं है. चिंता की बात ये है कि इनके मोबाइल भी स्विच ऑफ बताये जा रहे हैं। ऐसे में राजद का खेला होने वाली बात में अब काफी दम दिखाई दे रहा है। उधर तेजस्वी यादव के घर पर राजद के सारे विधायक मौजूद हैं और आज रात कांग्रेस के सभी 19 विधायक भी पहुँच जायेंगे।
बता दें कि राजद नेता तेजस्वी यादव ने नितीश के पलटी मारने के बाद कहा था कि बिहार में अभी खेला होना बाकी है. राजद नेता खुले आम ऑपरेशन लालटेन की बात कह रहे हैं, उनका कहना है कि इस बार ऑपरेशन लोटस नहीं ऑपरेशन लालटेन चलेगा। नितीश कुमार के लिए एक समस्या और भी और वो हैं विधानसभा के स्पीकर अवध बिहारी बाजपेयी जो राजद कोटे से हैं. सत्ता पक्ष किसी भी हालत में उन्हें फ्लोर टेस्ट से पहले हटाने चाहती है लेकिन नियमों का सहारा लेकर वो अड़े हुए हैं, ऐसे में कल फ्लोर टेस्ट से पहले स्पीकर के खिलाफ सत्ता पक्ष अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है क्योंकि राजद का स्पीकर होने से किसी भी तरह की तोड़फोड़ करना सरकार के लिए मुश्किल हो जायेगा। राजद स्पीकर के रहते ऑपरेशन लोटस चलाना टेढ़ी खीर हो जायेगा। फिलहाल तो नितीश के चेहरे से हवाइयां उडी हुई हैं.

