लखनऊ: सात महीने बाद जेल से निकले पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं। दरअसल, अमिताभ ठाकुर ने अपनी नेमप्लेट में ‘जबरिया जेल’ और ‘जबरिया ?’ जोड़ दिया है। इससे पहले उन्होंने अपनी नेम प्लेट जबरिया रिटायर को भी जोड़ा था। नई नेमप्लेट को लेकर चर्चा में आये अमिताभ ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मैं सात महीने जेल में रहा और इस दौरान मैंने यह समझने की कोशिश की कि आखिर मैंने क्या गलती की है। उन्होंने बताया, ‘किसी के पास ताकत है तो वो कुछ भी कर सकता है। मैं आजतक नहीं समझ पाया हूं कि मैंने कौनसा गुनाह किया है। एक गुनाहगार को मालूम होता है कि उसने क्या गुनाह किया है। और मैं यह अच्छी तरह जानता हूं कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है।’
वहीं, ‘जबरिया ?’ पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि आगे मेरे साथ जो कुछ भी होगा वो जबरिया ही होगा। उसको मैं अपनी नेमप्लेट पर जोड़ दूंगा। उन्होंने कहा, ‘इश्वर ने मुझे यह अवसर दिया जिससे मैं जानू कि जेल क्या होता है। जेल की वास्तविकता क्या है, जेल में कैसे कैदियों के मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है। कैदियों के साथ अभद्र, अनुचित, मारपीट होती है। मेरे साथ स्वंय इस तरह का व्यवहार हुआ।’
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वहीं, 2022 विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद जब अमिताभ ठाकुर से 2024 लोकसभा चुनाव लड़ने का सवाल पूछा गया तो वे मुस्कुरा दिए। उन्होंने कहा, एक बार मैंने चुनाव लड़ने की सोची तो सात महीने जेल में रहना पड़ा। रही बात 2024 कि तो मैं हिम्मत जुटाने की कोशिश करूंगा। क्योंकि लोकसभा चुनाव विधानसभा से पांच गुना ज्यादा बड़ा होता है। जब एक ऐलान के बाद मुझे सात महीने जेल काटनी पड़ी तो लोकसभा का ऐलान करने के बाद कहीं 35 महीने जेल न काटनी पड़ जाये। जब हिम्मत जुटा लूंगा तब ऐलान करूंगा।
