आईआईएमटी लाइफ लाइन हाॅस्पिटल की डायटिशियन डा. ज्योति सिंह ने बताया पौष्टिक भोजन का महत्व
मेरठ। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में अनेेक परिवार उजड़ गये हैं। वहीं अत्याधिक दवाओं खासकर स्टेराॅयड के सेवन से अनेक मरीज कोरोना से मुक्ति पाने के बावजूद अनेक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। अब कोरोना की तीसरी लहर की आहट सुनाई दे रही है। लेकिन कोरोना संक्रमित होने से पहले और संक्रमित होने के बाद भी उचित खान-पान से संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सकता है। इस विषय में बता रही हैं आईआईएमटी लाइफ लाइन हाॅस्पिटल की डायटिशियन डा. ज्योति सिंह…
कोरोना संक्रमण को रोकने या नियंत्रित करने में उचित खान-पान की विशेष भूमिका है। क्या खायें, कितना खायें और कब खायें जैसे सवाल हर मरीज को परेशान करते हैं। आईआईएमटी लाइफ लाइन हाॅस्पिटल में भर्ती किये गये मरीजों की डाइट पर हमने विशेष ध्यान दिया है। ऐसे में हमने प्रत्येक मरीज की शारीरिक स्थिति और आवश्यकताओं को देखते हुए डाइट निर्धारित की। कोविड मरीजों को दिये जाने वाले भोजन में पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखा जिससे वह जल्द रोगमुक्त हो सके। मरीजों के हाॅस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद भी फोन के माध्यम से उनको खान-पान के बारे में सलाह दी जाती रही।
कोरोना से बचने केे लिये करें पौष्टिक भोजन
डायटिशियन डा. ज्योति सिंह का कहना है की अपने भोजन में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल कर हम कोरोना सहित सभी बीमारियों का मुकाबला कर सकते हैं। प्रोटीन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। स्वस्थ व्यक्ति को भी अपने वजन के प्रत्येक किलो के मुताबिक एक ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिये। अर्थात यदि किसी व्यक्ति का वजन 75 किलो है तो उसे प्रतिदिन 75 ग्राम प्रोटीन का सेवन करना चाहिये। विटामिन सी से भरपूर फलों (लगभग 200 ग्राम) का सेवन करना चाहिये। इनमें मौसमी, संतरा, पपीता, अमरूद, अंगूर, कीवी, सेब आदि में भरपूर विटामिन सी होता है। जौ, चना, ओटस आदि को मिश्रित कर खाना चाहिये। रोजाना 500 से 800 ग्राम ताजी हरी सब्जी खायें। खाने या पानी के साथ नींबू का सेवन अवश्य करें। लहसुन और अदरक का सेवन करने से भी प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है। हल्दी मिला दूध और आयुर्वेदिक काढ़ा आपको रोगों से दूर रखेगा।
इन खाद्य पदार्थों से करें परहेज
शरीर को रोगों से बचाने के लिये आलू, चावल, चीनी, मैदा का सेवन कम से कम करें। होटल-रेस्टोरेंट में मिलने वाले भोजन का सेवन न करें। फास्ट फूड, जंक फूड, तले-भूने खाद्य पदार्थ शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। बासी और फ्रिज में रखा भोजन बिल्कुल न करें और हमेशा ताजा पका खाना ही खायें।
बच्चों को भी सर्तकता बरतना जरूरी
डायटिशियन डा. ज्योति सिंह का कहना है की कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों के संक्रमित होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में बच्चों को भी सर्तकता बरतते हुए खान-पान पर विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। बच्चे जंक फूड और तला-भूना खाद्य पदार्थो का सेवन न करें इससे प्रतिरोधक क्षमता और शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है। पौष्टिक भोजन और समय-समय पर हेल्दी ड्रिंक और काढ़े का सेवन करते रहें। बच्चों के लिये घर पर ही पौष्टिक भोजन तैयार करें। बच्चों के उचित खान-पान के लिये डायटिशियन की सलाह अवश्य लें।
फेफड़ों के इंफेक्शन को ऐसे कर सकते हैं दूर
- दिन में दो बार नियमित रूप से काढ़ा पीयें
- नींबू पानी, नारियल पानी व सूप आदि का सेवन करें
- फेफड़ों का इंफेक्शन खत्म हो जाने तक तला भोजन का सेवन न करें। हल्दी डालकर सप्रेटा दूध ले सकते हैं।
- पतली सब्जी खायें, फल में कीवी, पपीता, सेब, आडू का सेवन करें।
- लंग्स के लिये एक्सरसाईज करें।
मधुमेह के रोगी खाने का रखें ध्यान
- मिश्रित अनाज, ओटस से बना नाश्ता लें।
- हेल्दी ड्रिंक, जौ व मेथी पानी पियें
- ताजी सब्जी व सलाद अधिक खायें।
- वजन के अनुसार प्रोटीन का सेवन करें
- चाय की बजाये सूप पीयेें
- हर दो-तीन घंटे में कुछ न कुछ अवश्य खायें।
हार्ट की समस्या व बीपी से परेशान लोेग रखें ध्यान
- अपने भोजन में नमक की मात्रा कम से कम करें, अतिरिक्त नमक बिल्कुल भी न डालें।
- लहसुन, अलसी, अखरोट, दालचीनी व सेब का सिरका, फाइबर युक्त भोजन करें। 25-30 मिनट व्यायाम अवश्य करें। सप्रेटा दूध सिर्फ नाश्ते के समय ही लें।

