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Twitter पर क्यों पुलिस के दावे और प्रदेश सरकार को घेर रहे यूजर्स


Twitter  पर क्यों पुलिस के दावे और प्रदेश सरकार को घेर रहे यूजर्स

दुर्दांत अपराधी विकास दुबे का शुक्रवार को एनकाउंटर हुआ. टिवट् र पर गुरुवार से विकास दुबे को लेकर चर्चा हो रही थी. यहां तक कि #विकास दुबे और #विकास दुबे अरेस्ट नाम से टिवट् र हैंडल दिन भर ट्रेंड होते रहे. शुक्रवार को विकास के एनकाउंटर के बाद #विकास दुबे एनकाउंटर और #फेक एनकाउंटर नाम से टिवट् र हैंडल ट्रेंड करने लगे. दोपहर दो बजे तक 2 लाख8000 से ज्यादा ट्वीट विकास दुबे एनकाउंटर के नाम के टिवट् र हैंडल पर हो चुके थे. वहीं फेंक एनकाउंटर पर 53.3 हजार एनकाउंटर हो चुके थे.

सरेंडर करने आया तो भागा क्यों?
कुछ लोग सवाल कर रहे हैं कि जब विकास दुबे ने खुद ही सरेंडर कर दिया था तो वह भागने की कोशिश क्यों कर रहा था. एनकाउंटर के दौरान पुलिस ने सीने पर गोली मारी. क्या पुलिस का मकसद उसे भागने से रोकना नहीं, जान से मारना था?माना जा रहा था कि विकास दुबे के पकड़े जाने से कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता था क्योंकि विकास के संबंध राजनेताओं और पुलिस के लोगों से भी था. ट्विटर पर लोग ये भी सवाल कर रहे हैं कि इन लोगों को बचाने के लिए कहीं फर्जी एनकाउंटर तो नहीं किया गया.उधर एक चैनल से बातचीत करते हुए शहीद जितेंद्र के पिता तीर्थ पाल सिंह ने कहा कि जब मैं बेटे की लाश लेने गया तो सीएम योगी आदित्यनाथ के आंखों में क्रोध देखा, तो लग गया कि इंसाफ मिलेगा

ट्वीट से कुछ घेर कुछ दे रहे शाबासी

एनकाउंटर करना सही था वर्ना वो अपना नेक्सेस जेल से चलाता और सफेदपोशों की शरण मिलने से उसके हौसले और बुलंद होते.@srk09

-सरल पटेल ने लिखा, “बदला न्याय नहीं हो सकता. 8 शहीद पुलिसकर्मियों को न्याय तभी मिलेगा जब ये पता लगे कि पुलिस रेड के बारे में विकास दुबे को किसने जानकारी दी थी. निलंबित एसएचओ तो इस मशीनरी का एक हिस्सा हैं. सरकार और अफसरशाही में किसने विकास दुबे को प्रश्रय दिया और क्यों?”

-सुबह से कान पक गए ये सुन-सुनकर कि भाग रहा था तो सीने पर गोली कैसे लगी ? अरे, जैसे चलते-चलते पुलिस की गाड़ी पलट गई, हो सकता है कि वैसे ही भागते-भागते विकास दुबे भी पलट गया हो.

-अखिलेश भैया पूछ रहे हैं कि विकास दूबे को पकड़ने में एक हफ्ता क्यू लगा ????@rishibagree

साद के साथ कब होगा यही क्रम?

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